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एचइसी पर केंद्र मेहरबान

एचइसी पर केंद्र सरकार का फैसला सराहनीय है। अब एचइसी की परशानी दूर हो गयी है। कंपनी लाभ कमायेगी। राज्य सरकार भी एचइसी को पूरा सहयोग देगी। जो भी मामले पहले से लंबित है, उनपर मिल बैठकर विचार किया करंगे। दिल्ली से लौटकर हम लोग इस पर पहल भीकरंगे।ड्ढr -शिबू सोरन मुख्यमंत्रीदेश के उद्योगों के मातृ उद्योग एचइसी को केंद्र सरकार ने एक साथ कई तोहफे दिये हैं। इसमें कर्मियों के साथ-साथ कंपनी के लिए भी कई सुविधाएं शामिल हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने चार सितंबर को एचइसी कर्मियों के 1.1.से पे रिवीजन करने, सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा एचइसी की बैंक गारंटी में भी 100 करोड़ का इजाफा किया गया है। एचइसी को केंद्र से मिले 102 करोड़ के ब्रिज लोन एवं इसके 54 करोड़ के ब्याज को इक्िवटी में बदल दिया गया है। कार्यशील पूंजी के लिए 60 करोड़ का ऋण सामान्य ब्याज पर देने का भी फैसला लिया है।ड्ढr इसके अलावा सीआइएसएफ को दिया जाना वाला 37.रोड़ का ब्याज भी केंद्र सरकार ने माफ कर दिया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के उस प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी है जिसमें एचइसी की 2350 एकड़ जमीन, 17 भवन एवं 1155 आवास राज्य सरकार को स्थानांतरित करने की बात कही गयी थी। इसके बदले राज्य सरकार एचइसी को 250 करोड़ रुपये देगी। एचइसी की बैंक गारंटी अब 153 करोड़ से बढ़ कर 253 करोड़ हो जायेगी। तीन साल पहले केंद्र सरकार ने एचइसी का पैकेा मंजूर करने के बाद बैंक गारंटी 253 करोड़ से घटा कर 153 करोड़ कर दिया था। लेकिन राज्य सरकार से पैकेा मंजूर नहीं होने के कारण कंपनी के पास पूंजी की कमी हो गयी थी। इस कारण उसने केंद्र सरकार से बैंक गारंटी में 100 करोड़ का इजाफा करने का आग्रह किया था। इसी प्रकार 102 करोड़ के ब्रिज लोन का ब्याज देने में भी एचइसी को भारी राशि का भुगतान करना पड़ रहा था। इस राशि को इक्िवटी में बदलने से एचइसी को अब न तो लोन देना होगा और न ही ब्याज का भुगतान करना होगा। इससे एचइसी की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।ड्ढr राज्य का एक प्रस्ताव नामंजूरड्ढr केंद्र ने झारखंड सरकार के एचइसी से अतिरिक्त जमीन लेने के बदले अलग से राशि नहीं देने की बात को नहीं मानी है। सरकार ने एचइसी का पैकेा मंजूर करते समय कहा था कि सरकार उसकी 2350 एकड़ जमीन, किराये पर लिये भवन एवं आवास लेगी। बदले में उसे 250 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। भविष्य में यदि सरकार एचइसी की और जमीन लेती है, तो वह अलग से राशि नहीं देगी। यह राशि 250 करोड़ में ही समायोजित की जायेगी। कैबिनेट ने सरकार के इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। रिटायरमेंट एज बढ़ने से कर्मियों को लाभड्ढr बैंक गारंटी में 100 करोड़ की वृद्धिड्ढr 102 करोड़ का ब्रिज लोन इक्िवटी में बदलाड्ढr क्वार्टर, भवन-आवास के बदले 250 करोड़ देने का राज्य सरकार का प्रस्ताव भी मंजूरड्ढr कार्यशील पूंजी के लिए 60 करोडड़्ढr सीआइएसएफ का बकाया 37.रोड़ भी माफ

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