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एम्स मामले में केंद्र व रचाज्य मिलकर कार्रवाई करे: कोर्ट

पटना में बनने वाले एम्स के बार में केन्द्र एवं राज्य सरकार आपस में एक दूसर से तालमेल कर कार्रवाई करं। शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट ने एम्स निर्माण के लिए काउंसिल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ पब्लिक राइट एण्ड वेलफे यर के महासचिव अधिवक्ता महेन्द्र प्रसाद गुप्ता की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेन्द्र मल लोढ़ा तथा न्यायमूर्ति किशोर कृुमार मंडल की खण्डपीठ ने सुनवाई की।ड्ढr इसके पूर्व राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए सरकारी वकील का कहना था कि एम्स परिसर में संभावित आवासीय कम्पलेक्स को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली नहर पर पुल तथा सड़क का निर्माण कराया जायेगा। निर्माण का जिम्मा पथ निर्माण विभाग को सौंपा गया है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने बताया कि पानी की आपूर्ति हेतु बोरिंग एवं सम्प का निर्माण का जिम्मा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को दिया गया है। जबकि एम्स में आन्तरिक जलापूर्ति प्रणाली की व्यवस्था केन्द्र सरकार को करना होगा। एम्स के परिसर से सिवरज प्रणाली की व्यवस्था भी इसी विभाग को करना है। जबकि आन्तरिक सिवरा प्रणाली की व्यवस्था केन्द्र सरकार को करना है। इसी प्रकार बिजली की व्यवस्था एम्स परिसर में एक निश्चित स्थान तक उरा विभाग के द्वारा किया जाना है। साथ ही आवश्यकतानुसार सब स्टेशन का निर्माण भी किया जाएगा। अनिसाबाद मोड्ऱ से टमटम पड़ाव को चार लेन में परिवर्तत करने का कार्य प्रगति पर है। चिकित्सकों के आने-ााने के लिए सुगम मार्ग प्रदान करने हेतु परिसर के ठिक सामने नहर पर एक पुल का भी निर्माण किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई आगामी जनवरी माह तक के लिए टाल दी। सुनवाई के दिन दोनों सरकारं को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

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