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10 साल से जमे सीसीएल अधिकारी बदलेंगे

दस वर्षो से अधिक समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों का सीसीएल प्रबंधन तबादला करगा। इस आशय का निर्णय हाल ही में हुई निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। इसकी सूची भी तैयार हो रही है। इस क्रम में कुछ लोगों को मुख्यालय से बाहर भी भेजा जायेगा। बताया जाता है कि काम में पारदर्शिता एवं गति लाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। संवेदनशील विभागों में अधिकारियों के ट्रांसफर की अवधि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने ही तय कर रखी है। इस निर्णय को पहले मुख्यालय में ही लागू किया जाना है। इस क्रम में कई का मात्र टेबुल ट्रांसफर भी हो सकता है। वैसे, इस तरह का निर्णय पहले भी हो चुका है। हालांकि यह पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया था।ड्ढr पीएम को ज्ञापन सौंपाड्ढr कोयला उद्योग कामगार संगठन के एक शिष्टमंडल ने पीएम डॉ मनमोहन सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इसमें दस वर्षो का वेतन समझौता करने की मांग की। शिष्टमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष दर्शन सिंह चावला एवं एसइसीएल के संगठन सचिव अलक मुखर्जी शामिल थे। उन्होंने बताया कि कोयला कामगार भी यही चाहते हैं। ज्ञापन में न्यूनतम वेतन एवं सुविधा का जिक्र भी किया गया है।ड्ढr बिना ब्याज लोन की मांगड्ढr द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के महासचिव सनत मुखर्जी ने सीसीएल सीएमडी को पत्र लिखकर बिहार के बाढ़ से प्रभावित होने वाले कर्मियों को उचित पुनर्वास के लिए बिना ब्याज लोन देने की मांग की है। पैसा किस्तों में लौटने की सुविधा देने की बात कही। प्रभावितों की जानकारी सर्विस बुक से ली जा सकती है। पहले भी ऐसी आपदा में प्रबंधन इस तरह की मदद करतारहा है।ड्ढr सीएमडी को ज्ञापन सौंपाड्ढr सीएमपीडीआइ कर्मचारी संघ ने सीएमडी एके सिंह को ज्ञापन सौंपकर बरकाकाना स्थित सीडब्ल्यूएस और सीडीएस को रांची नहीं लाये जाने की मांग की है। संघ के रवींद्रनाथ ने कहा कि इससे कई समस्या उत्पन्न हो जायेगी। वहां काम सुगमता से चल रहा है। स्थानांतरण पर बेवजह लाखों रुपया खर्च होगा। इसका निर्णय भी जेसीसी में लिया जाना चाहिए।ं

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