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पाक में तालिबान का बुनेर पर भी कब्जा

पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन तालिबान के आतंकवादियों ने अब स्वात के बाद देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र स्थित बुनेर को अपने कब्जे में लेने के साथ ही वहां के बाजारों, गांवों और नगरों में गश्त शुरू कर दी है। पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्र ‘डॉन’ में प्रकाशित रिपोटरे के अनुसार गत चार अप्रैल को बुनेर के गोकंद घाटी में प्रवेश करने वाले तालिबान के आतंकवादी पिछले पांच दिनों से लूटपाट कर रहे हैं। समाचार पत्र के अनुसार आतंकवादियों ने बुनेर में स्थित सरकारी और गैरसरकारी संस्थाआें के कार्यालयों के वाहन, कम्प्युटर, प्रिंटर, जनरेटर, खाद्य सामग्री आदि सामान लूट लिए हैं। सूत्रों के अनुसार क्षेत्र से प्रमुख राजनीतिज्ञों, व्यापारियों, गैरसरकारी संगठनों के अधिकारियों आदि लोगों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है जिन्होंने तालिबान के बुनेर में प्रवेश को रोकने के लिए ‘लश्कर’ की स्थापना करने में अहम भूमिका निभाई थी। तालिबान ने जिले के सभी तहसीलों में अपना वर्चस्व कायम कर लिया है तथा कानून व्यवस्था लागू करने वाले कर्मचारी पुलिस थानों तथा शिविरों तक ही सीमित रह गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आधुनिक हथियारों से लैस तालिबान के लड़ाके सीमांत क्षेत्रों स्वाबी, मालकंद और पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के मुख्यमंत्री आमिर हैदर खान होती के गृह नगर मरदान की आेर बढ़ रहे हैं। यहां मिल रही रिपोटर्ों के अनुसार तालिबान आतंकवादियों ने मरदान सीमा के पास कांगर गली गांव और नावे धंद गांव, स्वाबी सीमा से लगने वाले टूटालई गांव में चेकपोस्ट और शिविर स्थापित कर लिए हैं। सूत्रों के अनुसार जोर्ह में स्थित फ्रंटियर कार्प्स शिविर के अधिकारियों ने हमलों के खतरों के मद्देनजर क्षेत्र के लोगों को अपने घरों को खाली करने की सलाह दी है। आतंकवादी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गदेजी, सलारजई, आेशरई आदि ऊपरी क्षेत्रों में अपने बंकर बनाने के लिए गड्ढ़े खोद रहे हैं। फतेह मोहम्मद के नेतृत्व में आतंकवादियों ने बुनेर नगर में कब्जा करने तथा वहां के व्यापारी सैयद अहमद खान के सुल्तानवास स्थित बंगले में अपना मुख्यालय बनाने के बाद वहां की सड़कों पर गश्त शुरू कर दी है। इस बीच उन्हें रोकने के लिए कोई भी सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आ रहे हैं। आतंकवादी स्थानीय लोगों विशेषकर युवाआें से देश में शरीया लागू कराने के उनके अभियान में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। तालिबान के एक कमांडर ने कहा कि वे लोग बुनेर में सख्त इस्लामी अदालत की स्थापना करेंगे जैसा कि उन्होंने स्वात में किया है। हालांकि वे पुलिस के कायर्ों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। वहीं स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी राशिद खान ने कहा कि स्वात से यहां आने वाले तालिबान ने यहां पर गश्त तेज करने के साथ ही क्षेत्र में चलने वाले सार्वजनिक वाहनों में संगीत बजाने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही सरकारी तथा गैरसरकारी संस्थाआें के कार्यालयों के वाहन अपने कब्जे में ले लिए हैं। इस बीच पश्चिमोत्तर क्षेत्र में तालिबानी हिंसा पर रोक लगाने के उद्देश्य से तालिबान के साथ शांति समझौते के लिए सरकार पर दबाव बढ़ने लगा है। उल्लेखनीय है कि देश में तालिबान को बलपूर्वक नियंत्रण कायम करने में असफल रहने पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पिछले सप्ताह उसकी मांगों के आगे झुकते हुए स्वात घाटी में इस्लामी शरीया कानून लागू करने की मंजूरी दे दी। आलोचकों का कहना है कि स्वात घाटी में शरीया कानून लागू करने का निर्णय तालिबान आतंकवादियों को खुश करने के लिए किया गया। हालांकि शरीया कानून लागू होने के बाद तालिबान ने हथियार डालने के अपने पहले के वादे से मुकरते हुए कहा कि उसका उद्देश्य पूरे देश में शरीया कानून लागू कराना है। वहीं तालिबान समर्थक तथा स्वात में सरकार और तालिबान के बीच समझौता कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सूफी मोहम्मद ने हाल में यह कहकर सनसनी फैला दी कि लोकतंत्र, चुनाव और न्यायिक व्यवस्था तंत्र गैर इस्लामी है।ं

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  • Web Title: पाक में तालिबान का बुनेर पर भी कब्जा