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प्रोस्टेंट कैंसर की खोज में बाधक एस्प्रिन

एस्प्रिन और आइब्रूफेन जसी दर्दनिवारक ‘नान एस्टेरॉयड एंटी-इंफ्लेमेटरी’ (एनएसएआईडीएस) दवाओं का नियमित इस्तेमाल प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी परेशानियां कई रूपों में सामने आती हैं जसे की संक्रमण, हार्मोन संबंधी परिवर्तन, शारीरिक कष्ट आदि। इस बीमारी में साइक्लोऑक्सीजेनस (सीओएक्स) दर्द उत्पन्न करने के जिम्मेदार होते हैं जिन्हें एनएसएआईडीएस दवाएं रोक देती हैं। रोचेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 40 वर्ष से अधिक उम्र के 1,31पुरुषों के आंकड़ों का अध्ययन किया और पाया कि लगातार एनएसएआईडीएस का सेवन करने वाले लोगों में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान औरों की तुलना में कम हो पाई थी। इन लोगों के शरीर में इस बीमारी की पहचान कराने वाला पीएसए (प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन) सामान्य लोगों की तुलना में 10 गुना तक ज्यादा था।

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  • Web Title: प्रोस्टेंट कैंसर की खोज में बाधक एस्प्रिन