अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत आता है इंग्लैंड का कूड़ा

इंग्लैंड में रिसाइकिलिंग प्रक्रिया से गुजारने के नाम पर जो कूड़ा हर हफ्ते बटोरा जाता है, असल में उसे जहाजों में भरकर भारत में डाला जाता है। आईटीवी के टूनाइट प्रोग्राम द्वारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। देश में पर्यावरण की स्थिति सुधारने और हरी-भरी बनाने के प्रयासों के तहत इंग्लैंड की निकायें लोगों से कहती हैं कि वह अपने घर के कूड़े-कचर को विभिन्न श्रेणियों में छांट-छांट कर रखें, जसे- प्लास्टिक, धातु, कागज और शीशा ताकि इन्हें पुनर्चक्रवत प्रक्रिया के तहत लाया जा सके। लेकिन जांच के परिणाम में यह बात सामने आई है कि इन कूड़ों-कचरों को जहाजों में भरकर कालाबाजार के माध्यम से भारत भेज दिया जाता है। यह प्रक्रिया ज्यादा सस्ती पड़ती है। एक आंकड़े के मुताबिक, एक टन कचरा को पुनर्चक्रवत प्रक्रिया से गुजारने में 148 पौंड्स का खर्चा आता है जबकि भारत भेजने में केवल 40 पौंड्स का। जांच में पाया गया है कि एसेक्स में कागज के रिसाइकिलिंग के लिए जमा कचर के डिब्बे में डाली गई एक रसीद तमिलनाडु में कचर के एक पहाड़ में पाई गई। पता चला कि यह रसीद किसी ज्यॉफ मूर नामक व्यक्ित को सीडी खरीदने के लिए जारी की गई थी। कूड़े के ढेर को और छानने के बाद वहां ब्रिटिश अखबार, ब्रिटेन के स्कूलों की कॉपी-किताबें और जूस के डिब्बे पाए गए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भारत आता है इंग्लैंड का कूड़ा