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चिांदगी बोझ न बन जाये, खुद को संभालो यारोचिांदगी बोझ न बन जाये, खुद को संभालो यारो

रांची। युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति अतिमहत्वाकांक्षा का परिणाम है। रिनपास के निदेशक डॉ अशोक प्रसाद का मानना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में युवा तेजी से हताशा के शिकार हो रहे हैं। कम से कम समय में ज्यादा कुछ पा लेने की चाह उनमें है। वे किसी भी कीमत पर उसे पाना चाहते हैं। ऐसे में थोड़ी सी भी असफलता उन्हें आत्महत्या जसे कदम के लिए प्रेरित करती है। युवाओं में प्रेम प्रसंग में असफलता भी आत्महत्या की प्रवृति के लिए एक महत्वपूर्ण कारण है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। खासकर युवाओं के प्रति उनहें और अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। उनकी समस्याओं के बार में बात करना और उनहें समझने का प्रयास करना चाहिए। किसी भी अस्वभाविक व्यवहार को गंभीरता से लेना चाहिए। ड्ढr

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