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रस्क्यू और रिलीफ प्राथमिकता : नीतीश

राहत शिविरों का जायजा लेने अररिया पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि रस्क्यू और रिलीफ हमारी प्राथमिकता है। मगर विडंबना यह है कि लोग अंदर से बाहर नहीं निकलना चाहते। जबकि पानी कब बढ़ेगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। कोसी नदी के जलस्तर में आ रही कमी से सहरसा-सुपौल, मधेपुरा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी घटने लगा है। सुपौल पहुंचे सेन्ट्रल कमान के ले. जेनरल एच.एस. पनाज ने कहा कि अब कहीं कोई फंसा नहीं है। रेस्क्यू ऑपरशन पूरा हो चुका है। दूसरी ओर राज्य सरकार ने बाढ़पीड़ित क्षेत्रों में मरीाों को सभी तरह की दवाएं मुफ्त में देने का निर्णय लिया है। जो दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं होगी उसे बाजार से खरीद कर मरीा को दिया जाएगा।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से 15 अक्टूबर तक खतरा बरकरार रहने की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोगों को बचाने के साथ ही धीर-धीर हम स्वास्थ्य का ख्याल भी रखने लगे हैं। प्रभावित परिवारों के बीच श्री कुमार ने वायदों की झड़ी लगाते हुए कहा कि कैंप में प्रसव कराने की व्यवस्था तथा पैदा होने वाली बच्ची को मुख्यमंत्री योजना से दस हाार रुपये प्रदान किये जायेंगे। इसके साथ ही कैंपों में शिक्षा दीक्षा व खेलकूद जसी आवश्यक चीजों को भी लागू करने की घोषणा की।ड्ढr केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री डा. शकील अहमद ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सव्रेक्षण के बाद कहा कि आधारभूत ढांचे की मजबूती के लिए केन्द्र सरकार हरसंभव मदद करगी।ड्ढr ड्ढr अररिया में राहत शिविरों के निरीक्षण के बाद एसएसबी गेस्ट हाउस में नीतीश कुमार ने पुराने कपड़े वितरित करने वाली संस्था पर नाराजगी जतायी। नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार पशुओं के आहार की भी व्यवस्था कर रही है। उन्होंने मुस्लिमों के लिए रमजान के निमित इफ्तार एवं सेहरी की व्यवस्था करने का भी अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने गुजरात के तर्ज पर कमेटी बनाकर जानकारी लेने की बात कही। इस बीच पटना में स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव ने बताया कि उनका विभाग बाढ़ग्रस्त इलाकों में किसी भी तरह की बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एम्बुलेंस,दवाओं व डाक्टरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उधर पूर्णिया के धमदाहा व बायसी अनुमंडल में बाढ़ से अब भी लोग परशान है। अररिया के कई राहत शिविरों में डायरिया फैलने की खबर है। नदियों का जलस्तर घटने से कटिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को थोड़ी राहत मिली है। कटिहार के कई प्रखंड अभी बाढ़ से प्रभावित है। सोनवर्षा प्रखंड के मोतीबाड़ी गांव में एक युवती सहित एक युवक की मौत हो गयी है। एनएच 30ए पर स्थित ब्रिटिशकालीन कई पुलों के ध्वस्त हो जाने से इस मार्ग पर वाहनों के परिचालन पर से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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