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जलस्तर में कमी, कटिहार में अभी भी तबाही

बिहार में कोसी समेत सभी नदियों के जलस्तर में कमी जरूर आई है परंतु कटिहार जिले में स्थानीय नदियांे के उफान पर होने की वजह से हालात में सुधार नहीं हुआ है। कटिहार जिले में बरंडी नदी के पानी ने कई गांवों में तबाही मचा रखी है। मधेली और हथवाड़ा पंचायत के अधिकांश गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के पानी के कारण फलका प्रखंड का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बरंडी नदी में आई बाढ़ का पानी कुरसेला और समेली प्रखंड में भी कहर मचा रहा है। ड्ढr कटिहार के जिलाधिकारी देवोत्तम वर्मा ने मंगलवार को बताया कि फलका प्रखंड के विकास पदाधिकारी (बीडीआे) को अविलंब राहत कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। ड्ढr उधर, बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में कोसी के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक राज्य की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी आ रही है। कोसी, बागमती, घाघरा, महानंदा और गंगा नदियों के जलस्तर में पिछले चौबीस घंटे में छह से चौबीस सेंटीमीटर तक की गिरावट के संकेत हैं। कोसी नदी के बैराज में भी पानी का प्रवाह कम हुआ है। सोमवार की शाम बैराज में पानी का प्रवाह मात्र 6,600 क्यूसेक था। उधर, बाढ़ प्रभावित जिलों में महामारी की आशंका को देखते हुए बाढ़ प्रभावित जिलों के सिविल सर्जनों (सीएस) को अलग से एक-एक करोड़ की अतिरिक्त राशि मुहैया करायी गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव ने मंगलवार को बताया कि सरकार सभी बाढ़ प्रभावित रोगियों को दवा और जांच की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करायेगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 423 चिकित्सक तैनात हैं तथा राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों से चिकित्सकों की टीम भेजी जा रही है।

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