DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो टूक

छोटी सी बात का बड़ा बखेड़ा। धैर्य और आत्मसंयम जसे चुकता जा रहा। ओरमांझी के कुटे गांव में सोमवार की रात ऐसा ही हुआ। कुछ सिरफिर झारखंड में सांप्रदायिक सद्भाव तोड़ने में लगे हैं। ऐसे नापाक मंसूबों की पहचान जरूरी है। बात-बात पर नसें फड़क उठें, यह सभ्य समाज की पहचान नहीं। झारखंड की मजबूत नींव जिन हाथों को तैयार करनी है, वे हिंसा का सबब बनेंगे, तो हम अपनी पीढ़ियों को कैसी विरासत सौंपेंगे? ऐसी कोई समस्या नहीं, जो मिल-बैठकर हल न की जा सके। बुजुर्गो को भी चाहिए कि वे उबलते खून पर अपने अनुभवों के छींटे मारं, तभी उनकी रवानी पर लगाम लगेगी, वरना यहां हाथ में पत्थर उठाने को तो हर शख्स तैयार बैठा है। ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दो टूक