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झाड़ी में मिली लाश थी रानी अर्चना की!

टिहार में आजमगढ़ रलवे स्टेशन के समीप पटरियों के किनार झाड़ी में मिली लाश रहस्यमय तरीके से गायब जज पुत्री रानी अर्चना सिंह की निकली। लाश के बिसरा और बाल के डीएनए जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। रानी अर्चना की मां मालती देवी के वकील सुधीर कुमार सिन्हा ने मंगलवार को बताया कि गांधी मैदान थाने की दारोगा कल्पना कुमारी ने झाड़ी में मिली अज्ञात महिला की लाश का बिसरा और बाल को डीएनए टेस्ट के लिए पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरंसिक साईंस लेबोरटरी) में भेजा था। एफएसएल ने जांच कर डीएनए रिपोर्ट सीजीएम कोर्ट को भेज दी है।ड्ढr ड्ढr रिपोर्ट में कहा गया है कि बिसरा के टिशू और बाल को अर्चना के माता-पिता के ब्लड से मैच कराया गया। अर्चना व माता-पिता के जेनरिक प्रोडक्ट भी मिलते हैं। अधिवक्ता ने कहा कि इस रिपोर्ट के बाद अब स्पष्ट है कि यह मामला दहेज के लिए प्रताड़ित कर रानी अर्चना की हत्या कर लाश को गायब करने का है। आरा के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज सुभाषचंद्र प्रसाद की बेटी रानी अर्चना उस समय रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी जब वह अपने रलवे इंजीनियर पति राजीव कुमार सिंह (लालजी टोला, पटना) के साथ दार्जिलिंग से हनीमून के बाद कटिहार से 14 अगस्त को कैपिटल एक्सप्रस से पटना के लिए चली थी। अगले दिन राजीव ने मोकामा रल थाने में पत्नी रानी अर्चना के लापता और फिर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि कुछ समय बाद अर्चना की मां मालती देवी ने अदालत में दामाद राजीव और उसके परिवार वालों पर दहेज के लिए हत्याकर लाश गायब करने का एक परिवाद दायर किया था। इसके बाद कोर्ट ने गांधी मैदान थाने को प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने का निर्देश दिया था। वैसे पुलिस ने पति राजीव को गिरफ्तार करके जेल भेजने के बाद उसके खिलाफ सिर्फ प्रताड़ना का मामला मानते हुए आरोप पत्र दायर किया था।

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