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कोसी तटबंध टूटने की जांच की मांग

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राय में आई प्रलयंकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के राहत कार्य में गड़बड़ियों की तरफ प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का ध्यान आकर्षित कराया है और कोसी तटबंध टूटने की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने बुधवार को सुबह डॉ. मनमोहन सिंह से उनके निवास पर मुलाकात कर यह मांग की। मिश्रा ने प्रधानमंत्री को राहत कायर्ो की जानकारी देते हुए उनका ध्यान इस बात की आेर खींचा कि राय में अभी भी करीब 10 लाख लोग बाढ़ के कारण अपने गांवों में फंसे पड़े हैं और उन तक राहत सामग्री का एक दाना भी नहीं पहुंचा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि कोसी तटबंध टूटने की जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से इसकी जांच कराई जाए और दोषी व्यक्ितयों के खिलाफ अपराधिक मारमला दर्ज किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि केन्द्र जो आर्थिक सहायता राय सरकार को दे रही है उससे राहत कार्य और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी सेना को सौंप दी जाए ताकि गांवों में फंसे लोगों को खाने का सामान मिल सके नहीं तो वे बड़े पैमाने पर भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। मिश्रा ने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि राहत शिविरों और गांवों में डाक्टर और दवाइयों की बेहद कमी है, जिसके कारण लोग मर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि सेना के डाक्टरों को बड़ी संख्या में तैनात किया जाए और दूसरे रायों के डाक्टरों को भी बुलाकर उनकी सहायता ली जाए। उन्होंने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार ने पिछले तीन वषर्ो में कोसी तटबंध के मरम्मत कार्य के लिए एक भी पैसे खर्च नहीं किए है। उन्होंने कहा कि तीन वषर्ो में केन्द्र से जो पैसे इस मद में दिए उसमें से 400 करोड़ रुपये अभी तक पड़े है। मिश्रा ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह एक बार फिर बिहार के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करें और राहत कायर्ो का जायजा लें कि वास्तविक सहायता कितने लोगों तक पहुंच पा रही है।

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