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पीड़ितों को राहत का काम सेना को सौंपे : राजद

राजद ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के राहत के काम सेना को सौंपे जाएं। राहत वितरण, चिकित्सा व्यवस्था, दवा की उपलब्धता एवं वितरण और आवागमन सभी काम सेना करं। बचाव कार्यो में सेना के काम की प्रशंसा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी, विधानपार्षद रामवचन राय एवं वरीय नेता श्यामसुन्दर सिंह धीरज ने कहा कि बिना भेदभाव के, जज्बे के साथ सेना ही सभी पीड़ितों तक राहत पहुंचा सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाते हुए राहत का काम सेना को सौंप दें। बांध टूटने की न्यायिक जांच के संबंध में उन्होंने कहा कि जनता सब जान चुकी है। ऐसे में न्यायिक आयोग को भी जनता की अपेक्षा के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए।ड्ढr ड्ढr पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पीड़ित क्षेत्रों में लोकल एडमिनिस्ट्रशन का व्यवहार आदमखोर का हो गया है। वहां अराजकता व्याप्त है। स्थिति इतनी अनियंत्रित है कि छातापुर क्षेत्र के कई अल्पसंख्यक बहुल गांवों में प्रलय के 22 दिनों बाद भी राहत का एक दाना नहीं पहुंचा है। उन्होंने दावे के साथ यह भी कहा कि साधन विहीन गांवों में एनजीजो का एक प्रतिनिधि भी नहीं पहुंच रहा। राज्य सरकार के अधिकारी की तरह वे भी जिला मुख्यालयों एवं साधन वाले स्थलों पर तम्बू गाड़े हुए हैं। तीन दिनों तक प्रभावित जिलों का दौरा करने के बाद श्री सिद्दीकी ने सीएम, डिप्टी सीएम और रोज बयानबाजी करने वाले नेताओं को सरजमीं पर जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की असंवेदनशीलता का खामियाजा अब जनप्रतिनिधि भुगतने लगे हैं। न्यायिक आयोग के गठन से नहीं धुलेगा पाप : राजदड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्याम रजक एवं प्रांतीय महासचिव निहोरा प्रसाद यादव ने कहा कि कोसी इलाके के लोगों से बदला लेने के लिए उन्हें पानी में डुबाने का काम करने वाली राज्य सरकार का पाप न्यायिक आयोग के गठन से नहीं धुलेगा। यह केवल आईवास है। जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत है और वह जान गई कि बांध टूटने का जिम्मेवार कौन है। स्पर को 13 दिनों में तोड़ा गया और इसी 13 दिनों की गलती से बचने के लिए नीतीश कुमार उसका विस्तार अनेक वर्षो तक करना चाहते हैं। वे अपनी चालाकी से न्यायिक कार्य में जीवन बितानेवाले को प्रभावित नहीं कर सकते। जांच प्रतिवेदन कब आयेगा और क्या आयेगा यह लम्बे समय की बात है। 305 मीटर के स्पर को नीतीश कुमार ने तोड़ा है और यही त्रासदी का सच है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में बिहार को जिस तरह से बर्बाद किया है उसकी मिसाल नहीं है। षडयंत्र, झूठ एवं फरब भले ही तत्काल बलशाली दिखता हो लेकिन उसकी उम्र सर्वथा छोटी होती है। समाज के तमाम प्रबुद्ध वर्ग, मीडिया व देश और दुनिया की नजर में मुख्यमंत्री अपराधी हैं और उनके दंड भुगतने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री जगदानन्द सिंह का 15 वर्षो का कार्यकाल पारदर्शिता का नमूना है। श्री सिंह ने अपने लम्बे कार्यकाल में बांध को सुरक्षित और अक्षुण्ण बनाये रखा बावजूद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह उन्हें तटबंध टूटने के लिए जिम्मेवार ठहराने पर लगे हुए हैं।ं

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