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कीचड़ और पानी पारकर पीड़ितों से मिले राहुल

बुधवार को जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव राहुल गांधी फारबिसगंज के बाढ़ राहत शिविरों में पीड़ितों का हालचाल देखने पहुंचे तो बाढ़पीड़ितों की आंख में आशा की किरण दिखाई दी कि शायद उनका दर्द दूर होगा। शिविरों के निरीक्षण में कहीं कीचड़ से गुजरना पड़ा तो कहीं पानी पार करना पड़ा। बच्चों के सर पर हाथ फेरकर सुनहर कल के सपने दिखाए तो वृद्धों का दुख दूर करने का भरोसा दिलाया। फुलकाहा के राहत कैंप में कुव्यवस्था देख राहुल बिफर पड़े। वहां से निकलकर वे सीधे बथनाहा अंबेदकर विद्यालय पहुंचे और वहां मौजूद विशेष डीएम संदीप पौंड्रिक को लेकर फिर फुलकाहा कैंप पहुंचे और पीड़ितों की पीड़ा से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान शिविरों में उन्होंने दवा, कपड़े व अन्य सामग्रियां भी बांटीं। आवास से निकलते ही राहुल ने नौजवानों को दोस्ती का संदेश देते हुए भीषण कीचड़ में जाकर युवाओं का दिल जीता। उसके बाद वे सीधे रड लाइट एरिया स्थित वोमन वर्ल्ड वाइंडर में बच्चों से जाकर मुलाकात की। बच्चों ने राहुल का जमकर स्वागत किया तथा राहुल ने अच्छे भविष्य के नुसखे सिखाए। उसके बाद वे सीधे बथनाहा स्थित रलवे एवं बिहार सरकार के राहत शिविर गये जहां उन्होंने पीड़ितों के बीच दवा, कपड़े व अन्य सामग्रियां बांटी। बच्चों से विशेष दोस्ती की अदाकारी के बाद पीड़ितों से खाना पीना व रहन सहन की जानकारी ली। बड़ी मुश्किल से राहुल चंद कांग्रेसियों से मिले। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा तथा जिलाध्यक्ष भारतेन्दु यादव शामिल थे। जगह-ागह लोगों ने राहुल को अपना दुखड़ा सुनाया। राहुल ने अपने शब्दों से हर लोगों को भावुक बना दिया। जहां-ाहां भी राहुल को लोगों का हुाूम नजर आया वे अपने आप को रोक नहीं पाये तथा शीशा खोलकर अभिवादन स्वीकारा। सुनसान जगहों पर वे गाड़ी को रोक-रोकर मोबाइल से बातें करते दिखे। केंद्र ने दी थी कोसी तटबंध की मरम्मत के लिए स्वीकृति : पटना से मिली खबर के मुताबिक केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा है कि कोसी तटबंध की मरम्मत के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को केन्द्र ने उसी दिन स्वीकृति दे दी। 22 अगस्त को राज्य के प्रस्ताव पर गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (जीएफसीसी) ने तत्काल मंजूरी प्रदान करते हुए तटबंध के कट एंड के बचाव के लिए बगैर विलंब कार्य शुरू करने और तटबंध के दरार को बंद करने की उपयुक्त योजना बनाकर कार्य योजना जीएफसीसी को सौंपने को कहा था। पत्र में असुरक्षित तटबंधों के बचाव के कार्य को कोसी उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार पूरा करने को भी कहा गया था।

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