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911 के जख्म अब भी हरे

लॉरन मानिंग जब किसी हाथ मिलाती हैं तो उनके हाथों की सख्ती से ऐसा लगता है मानो वह लंबे समय से गोल्फ या टेनिस खेलती रही हैं। लेकिन उनके हाथों की सख्ती उन टाइटेनियम पिनों के कारण है जो उनके हाथों में लगे हैं। लॉरन उन लोगों में से हैं जो े आतंकवादी हमले में घायल होने के बावजूद जीवित बच गईं। े हमले में लॉरन बुरी तरह जल गई थीं। उनका शरीर करीब 80 फीसदी जल चुका था और हफ्तों मौत के दरवाजे पर रहने के बाद वह सौभाग्यवश जीवित बच निकली थीं। आज भी उनकी त्वचा पर जख्मों के निशान हैं जिन्हें ढकने के लिए वह पूर गले और बाहों का कपड़ा पहनती हैं। उपचार के दौरान उनके हाथों को काम करने लायक बनाने के लिए टाइटेनियम पिन लगाए गए। इस घटना ने लॉरन के जीवन को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। आज लॉरन न तो सीढ़ियां चढ़ सकती हैं, न खाना बना सकती हैं। लॉरन कहती हैं, ‘मेरी जिंदगी से जुड़े लोगों की कृपा है कि मैं कुछ कर पा रही हूं। मेर पति मेरे हाथ बन गए हैं।’ लॉरेन को 11 सितंबर 2001 का वह दिन याद है जब वह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की लॉबी में पहुंची तो किस तरह आग का एक गोला उन पर गिर पड़ा। वह एक ऐसा खौफनाक दिन था जब न्यूयार्क के अस्पतालों में सैकड़ों लोग मर चुके थे और सैकड़ों मौत से जूझ रहे थे। घटना के शिकार बने ज्यादातर लोग जलकर राख में बदल गए थे। लेकिन लॉरन को आखिरकार जिंदगी ने अलविदा नहीं कहा और वह मौत से जीत गईं। इस हमले में करीब तीन हाार लोगों की मौतें हुईं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ठीक ठीक कितने लोग इस हमले में बुरी तरह घायल हुए थे। लेकिन आज 47 वर्षीया लॉरन और उनके जसे जीवित बचे दूसर लोग दुनिया के सामने उस त्रासद घटना के जीवित स्मारक हैं जिन्हें देखकर कोई भी आतंकवादी खतर की बर्बरता और भयानकता को महसूस कर सकता है। अमेरिका समेत पूरी दुनिया को हिला कर रख देने वाले 11 सितम्बर 2001 को विश्व व्यापार केंद्र की इमारत पर हुए आतंकवादी हमल को सात साल हो गए। न्यूयार्क में गुरुवार को सातवीं बरसी पर एक कार्यक्रम मं इस आतंकी हमल मं मार गए लोगों क नाम पढ़े जाएंग। अमरिका मं राष्ट्रपति पद क दोनों उम्मीदवार बराक ओबामा और जॉन मैन भी ग्राउंड जीरो (घटनास्थल) पर होन वाल समारोह मं हिस्सा लन वाल हैं।

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