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माइक्रोबायोलॉजी के एमडी कोर्स को मिली मान्यता

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने पटना मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एमडी कोर्स की डिग्री को वैधता प्रदान कर दी। इसको लेकर विभाग के शिक्षकों और छात्रों में उत्साह की लहर है। छह वर्षो से चलनेवाले इस कोर्स की सभी बैचों की डिग्री को अब मान्यता मिल गयी है।ड्ढr माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डा.(प्रो.) शंकर प्रकाश ने बताया कि अब हर वर्ष चार छात्रों का नामांकन एमडी कोर्स में किया जा सकेगा। इसके पूर्व वर्ष 2002 से यहां पर कोर्स चलाया जा रहा था लेकिन उसकी मान्यता एमसीआई द्वारा नहीं दी गयी थी।ड्ढr ड्ढr कोर्स को मान्यता मिलने के बाद पिछले सत्रों के दौरान उत्तीर्ण छात्रों की डिग्री वैध हो गयी। उन्होंने बताया कि किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ, ब्रह्मपुर मेडिकल कॉलेज,उड़ीसा और कटक मेडिकल कॉलेज, उड़ीसा के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के साथ पीएमसीएच का निरीक्षण किया गया था।ड्ढr इस निरीक्षण में एमसीआई ने सिर्फ पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के कोर्स को ही मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि कालरा की जांच मैटेरियल विभाग की ओर से तैयार कर विभिन्न संगठनों को मुफ्त उपलब्ध करायी जा रही है। विभाग में इसकी जांच की भी व्यवस्था की गयी है।ड्ढr ड्ढr डा.प्रकाश ने कहा कि इसके अतिरिक्त डेंगू बुखार की मुफ्त जांच की व्यवस्था भी विभाग में की गयी है। दिल्ली और बाहर के महानगरों से लौटनेवाले मरीजों की यहां पर नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गयी है। इसके पूर्व पीएमसीएच के प्रीवेंटिव एण्ड सोशल मेडिसीन (पीएसएम) विभाग को भी मान्यता मिली है। पीएसएम की विभागाध्यक्ष डा.रश्मि सिंह ने बताया कि 10 से कॉलेज के पीएसएम विभाग की मान्यता मिली है। इस विभाग के एमडी कोर्स में हर वर्ष दो छात्रों का नामांकन होता है। मान्यता मिलने से पूर्व के सभी सत्रों की डिग्री को भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गयी है।ं

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  • Web Title: माइक्रोबायोलॉजी के एमडी कोर्स को मिली मान्यता