DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाक अधिकृत कश्मीर से व्यापार पर बवाल

श् मीर के उस हिस्से अर्थात पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर से अगले महीने शुरू होने वाले व्यापार पर बवाल शुरू हो गया है। बवाल की वजह संसद में पारित किया गया वह प्रस्ताव है जो पीआेके को अपना हिस्सा मानता है और अगर व्यापार शुरू होता है तो एलआेसी को आईबी अर्थात इंटरनेशनल बार्डर का दर्जा देना पड़ेगा। उधर अमरनाथ जमीन मामल पर दा महीनां तक चल आंदालन न जम्मू तथा कश्मीर संभाग क आपसी संबंधां का और खराब कर दिया है। कश्मीरियां ने जम्मू क व्यापारियां क माध्यम स व्यापार करन स इनकार कर दिया है तो जम्मू मं लागां न अपन व्यापारिक संस्थानां क बार्डां स कश्मीर शब्द का हटाना तथा कश्मीरी वस्तुआं का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। एलआसी क रास्त पाकिस्तान क साथ जिस ड्यूटी फ्री व्यापार की कवायद अब अंतिम चरण मं पहुंच गई है उसमं छुपा हुआ एक तथ्य यह है कि एसा करन स एलआसी का अंतरराष्ट्रीय सीमा मानना पड़गा। अगर एसा हाता है ता यह मान लिया जाएगा कि भारत न पाकिस्तानी कब्ज वाल कश्मीर पर अपना दावा छाड़ दिया है। इसी पर पीआक क रिफ्यूजी एकजुट हाकर इसका विराध कर रह हैं। रिफ्यूजियां क संगठन एसआएस क अध्यक्ष राजीव चुन्नी संसद क प्रस्ताव का हवाला दत हुए कहत हैं कि अगर व्यापार शुरू हुआ ता रिफ्यूजी आत्मदाह करंग। कश्मीर चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री क अध्यक्ष डॉ. मुबीन शाह कहत हैं कि अगर पीआक अपना हिस्सा है ता कस्टम ड्यूटी क्यां। दूसरी ओर कश्मीर टड्रर्स एंड मनुफैक्चर्स एसासिएशन क अध्यक्ष मुहम्मद सादिक वकार के मुताबिक कश्मीर न जम्मू क व्यापारियां क माध्यम स आन वाल सामान का न लन फैसला किया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पाक अधिकृत कश्मीर से व्यापार पर बवाल