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29 अगस्त को ही कमेटी गठित कर चुका केन्द्र

राजद ने प्रदेश सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग के गठन पर सवालिया निशान लगाते हुए उजागर किया है कि केन्द्र सरकार 2अगस्त को ही कोसी बांध टूटने की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर चुकी है। केन्द्रीय जल आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित कमेटी बांध टूटने से बचाव का उपाय भी सुझायेगी।ड्ढr ड्ढr पूर्व जलसंसाधन मंत्री जगदानन्द, राजद के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्याम रजक एवं प्रांतीय महासचिव निहोरा प्रसाद यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश की सर्वोच्च स्तर की तकनीकी कमेटी के गठन के बाद न्यायिक आयोग का अब कोई मतलब नहीं है। चूंकि यह अन्तर्राष्ट्रीय मामला है इसलिए राज्य सरकार के स्तर पर पूरी जांच संभव नहीं है। न्यायिक आयोग कार्य में सक्षम नहीं है। आयोग का गठन केद्रीय जांच कमेटी को धत्ता बताने, अपने अपराध को छुपाने और लीपापोती का प्रयास है। न्यायिक आयोग से अपराध को संरक्षण नहीं मिलेगा। नीतीश कुमार को जेल जाना ही होगा। नीतीश कुमार को तो यह बताना चाहिए कि वे केन्द्रीय जांच कमेटी से भाग क्यों रहे हैं जबकि कमेटी में उनके विशेषज्ञ एन. सान्याल और जलसंसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख भी शामिल हैं।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि बांध का टूटना आपराधिक और तकनीकी मामला है जिसके लिए नीतीश कुमार दोषी हैं और पूरा देश यह जान गया है। अब जरूरत है नीतीश कुमार पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से सिर्फ दंड सुनिश्चित करने की। उन्होंने कहा कि कोसी नदी के शिफ्टिंग से नहीं बल्कि नदी की सर्पीली चाल से 305 मीटर का स्पर टूटा। उसका रखरखाव और हिफाजत नहीं करने से त्रासदी हुई। बावजूद यह प्रचारित किया जा रहा है कि नदी शिफ्ट हुई है। मुख्यमंत्री की निम्न स्तर की समझ का खामियाजा राज्य भुगत रहा है। प्रलय वाले इलाके में न राहत है, न दवा है और न डॉक्टर। पूरा इलाका श्मशान घाट में तब्दील हो चुका है। अब तो महामारी भी फैल रही है।

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