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एक लाख का पलायन, भारत चिंतित

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को देर रात श्रीलंका के तेजी से बदलते हालात की समीक्षा की गई। श्रीलंका में बेकसूर तमिलों के मारे जाने तथा तमिलनाडु में इसकी तीव्र प्रतिक्रियास्वरूप बुलाई गई इस बैठक में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटोनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन तथा विदेश सचिव शिव शंकर मेनन मौजूद थे। श्रीलंका प्रकरण को लेकर भारत सरकार अभी तक पसोपेश में दिख रही है। हालांकि विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी कह चुके हैं कि इस समस्या का सैनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक समाधान होना चाहिए। साथ ही निर्दोष तमिलों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। लेकिन इधर कांग्रेस ने युद्धविराम की मांग करके चौंका दिया है। दरअसल तमिलनाडु के राजनीतिक दल केन्द्र पर लगातार दबाव डाल रहे हैं कि वह श्रीलंका सरकार को युद्धविराम के लिए तैयार करें। सत्तारूढ़ द्रमुक गठबंधन ने गुरुवार को इसी मद्देनजर राज्यव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। इस बीच भारत भोजन के 20 हाार पैकेट श्रीलंका भेजने की तैयारी कर रहा है।

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