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भारत दौरे में नए समझौते नहीं करेंगे प्रचंड

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ भारत दौरे में किसी नए समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। प्रचंड पांच दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत पहुंचेंगे। नेपाल में माओवादियों के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को दो वर्ष के अंदर संविधान का मसविदा तैयार करने का जनमत मिला हुआ है। ऐसे में प्रचंड किसी भी नए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं तो विवाद खड़ा हो सकता है। प्रचंड के दौरे के मद्देनजर भारत ने संकेत दिया है कि वह नेपाली प्रधानमंत्री के विचारों से अवगत होगा। नेपाल के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचंड को सुझाव दिया है कि वे सप्तकोसी नदी से हुई तबाही के मुद्दे को भारत दौरे में प्राथमिकता दें। माओवादी, कम्युनिस्ट और विपक्षी दलों ने प्रचंड से कहा है कि वे कोसी बांध में दरार आने से हुई क्षति को लेकर भारत से मुआवजा मांगे। दरअसल, 1में हुई कोसी संधि के अनुसार बांध मरम्मत की जिम्मेदारी भारत की है। बाढ़ के कारण नेपाल में एक लाख से अधिक लोग बेघर हो गए। इसी मुद्दे पर वह भारत से मुआवजा चाहता है। दौरे के दौरान प्रचंड कोसी संधि के अलावा भारत-नेपाल शांति और मैत्री समझौता 10 की भी समीक्षा करेंगे। प्रचंड के साथ दौरे में सूचना और संचार मंत्री कृष्ण बहादुर माहरा, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री राजेंद्र महतो, जल संशाधन मंत्री विष्णु पाउडेल और विदेश मंत्री उपेन्द्र यादव शामिल रहेंगे। भारत दौरे के दौरान प्रचंड प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात करेंगे।ड्ढr

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