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यूरनियम नहीं देंगे, सहयोग करेंगे भारत-आस्ट्रेलिया

भारत को यूरनियम की आपूर्ति करने से साफ मना करने के बावजूद भारत-आस्ट्रेलिया आर्थिक, रक्षा, एनर्जी और दूसरे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर राजी हो गए हैं। भारत आए आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफन स्मिथ के साथ शुक्रवार को अपनी मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री प्रणव कुमार मुखर्जी ने कहा कि हालिया परमाणु सामग्री आपर्तिकर्ता (एनएसजी) बैठक में उनके देश का भारत को समर्थन हासिल हुआ। मुखर्जी और स्मिथ ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बातचीत के दौरान परमाणु अप्रसार और निरस्त्रीकरण के लिए प्रयास तेज करने का निश्चय किया। शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बेहतरीन संबंधों पर भी संतोष का इजहार किया गया। आस्ट्रेलिया ने भारत के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को देखते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनाने की वकालत की। दोनों विदेश मंत्रियों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग और बढ़ाने पर भी दोनों देश सहमत हुए। मुक्त व्यापार समझौते के दिशा में आगे बढ़ने का इरादा व्यक्त करते हुए दोनों देशों ने कहा कि इस संबंध में अध्ययन दल की रिपोर्ट अगले कुछ महीनों में मिल जाएगी उसके बाद आवश्यक फैसला किया जाएगा। दोनों देशों ने विश्व व्यापार संगठन की दोहा चक्र वार्ता के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच सैनिक सहयोग बढ़ाने के लिए निश्चय किया गया कि उच्च सैनिक अधिकारियों की एक बैठक आगामी नवम्बर महीने में आस्ट्रेलिया में होगी। आस्ट्रेलिया ने दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्व एशिया के आर्थिक संगठनों में भारत की शिरकत का समर्थन किया।

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