औद्योगिक मंदी से उत्पाद शुल्क संग्रह प्रभावित - औद्योगिक मंदी से उत्पाद शुल्क संग्रह प्रभावित DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

औद्योगिक मंदी से उत्पाद शुल्क संग्रह प्रभावित

औद्योगिक उत्पादन में कमी का असर उत्पाद शुल्क संग्रह में दिखा है। बीते अगस्त माह के दौरान उत्पाद शुल्क संग्रह सिर्फ 1.2 फीसदी ही बढ़ सका है। जाहिर है, यह सरकार के लिए भारी चिंता का सबब बनेगा। हालांकि इसमें विशेष उपकर नहीं जोड़ा गया है। वैसे इसकी हिस्सेदारी भी बहुत कम ही है। अलबत्ता, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल मूल्यों के ऊंचे दामों और महंगाई को कम करने के लिए सस्ते आयात को बढ़ाने पर विशेष जोर के चलते सीमा शुल्क संग्रह में 8.ीसदी की बढ़ोत्तरी जरूर दर्ज की गई है। दोनों को मिलाकर इनके संग्रह में 4.8 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।अगस्त माह के दौरान उत्पाद शुल्क संग्रह रोड़ रुपये के मुकाबले 10,013 करोड़ रुपये रहा है जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान इसका कुल संग्रह 44,467 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,122 करोड़ रुपये पहुंच गया है। अगस्त में सीमा शुल्क संग्रह 8,713 करोड़ रुपये के मुकाबले रोड़ रुपये दर्ज किया गया है जबकि वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान इसका कुल संग्रह 40,505 करोड़ रुपये से बढ़कर 47,734 करोड़ रुपये पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान उत्पाद शुल्क संग्रह सिर्फ 3.7 फीसदी बढ़ा है जबकि सीमा शुल्क संग्रह में 17.8 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: औद्योगिक मंदी से उत्पाद शुल्क संग्रह प्रभावित