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कोसी में फिर बढ़ने लगा जलस्तर

पिछले कई दिनों से कोसी नदी के जलस्तर में निरंतर गिरावट के बाद अब हो रही वृद्धि से सुपौल, सहरसा व मधेपुरा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति फिर गंभीर होने की संभावना बढ़ गयी है। इधर सारण तटबंध का कटाव थम गया है। इांीनियरों को मरम्मत कार्य में सहूलियत हो रही है। दूसरी ओर सीवान में भगवान हाट के निकट धमई नदी का बांध टूट गया है। इसके कारण इस प्रखंड के चार गांवों में पानी फैल गया है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मधेपुरा,अररिया,सुपौल, सहरसा और पूर्णिया में बाढ़ प्रभावितों की तादाद 2लाख हो गयी है। मृतकों की संख्या 57 तक पहुंच गयी है। दूसरी ओर राज्य के 11 अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रभावितों की संख्या 13.1लाख बतायी गयी है। बीते दिनों बराह क्षेत्र से हो रहा लगभग 70 हाार क्यूसेक का डिस्चार्ज बढ़ कर शुक्रवार को यूसेक हो गया है। जिस कारण प्रभावित इलाकों में आधा से एक फीट पानी बढ़ गया है। बाढ़ प्रभावित इलाके सहित नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना के मद्देनजर जलस्तर के और भी बढ़ने की आशंका है। जलस्तर बढ़ने से चिंतित स्थानीय प्रशासन ने घर लौट गये लोगों से बाहर निकलने की अपील की है। अररिया में बकरा, सुरसर एवं गेरुवा धार के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो जाने से लोगों में अफरातफरी मची है। सहरसा व सुपौल में प्रशासन की ओर से चौकसी बढ़ा दी गयी है। उधर प्रभावित इलाकों में डायरिया तथा अन्य बीमारियों का कहर शुरू है। प्रमंडल में सबसे पहले प्रभावित होने वाले वीरपुर में अभी तक न तो कोई राहत कैम्प खोला गया है और न ही कोई सहायता ही पहुंचायी गयी है। मधेपुरा के उदाकिशुनगंज की लश्करी पंचायत में बाढ़ की पानी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गयी है। जबकि शाहाादपुर पंचायत के शेखपुरा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मौत हो गयी है।

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