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पीड़ितों की मदद से ही खाना बनेगा

बाढ़ राहत शिविरों में पीड़ितों की मदद से ही खाना बनेगा। ऐसे लोगों को इस मददड्ढr के लिए पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री तथा सुपौल जिले के प्रभारी मंत्री रामनाथ ठाकुर ने दी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे राहत कार्यो की निगरानी करें। यह आरोप-प्रत्यारोप अथवा बहस का नहीं बल्कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का समय है। उन्होंने सुपौल में राहत शिविरों का निरीक्षण किया और बाढ़ राहत अनुश्रवण सह निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता भी की।ड्ढr ड्ढr श्री ठाकुर ने बताया कि बाढ़ के 24 दिन बीत जाने के बावजूद बचे हुए लोग बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकलना नहीं चाहते हैं। अभी हथिया नक्षत्र का आना बाकी है। आगामी 36 दिनों तक वर्षा की संभावना को देखते हुए निगरानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों से बाहर आने के लिए फिर अनुरोध किया जाए परन्तु वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पंचायत प्रतिनिधियों और बीडीओ की निगरानी में राशन वितरण के साथ-साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकारी अस्पताल को सभी तरह से सुसज्जित रखा जाए ताकि कोई भी पीड़ित महिला निराश होकर वापस नहीं लौटे। उन्होंने जिला पशुपालन अधिकारी को भी निर्देश दिया कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से मृत पशुओं के शव को हटवायें ताकि कोई बीमारी नहीं फैले। श्री ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पुलिस गश्ती की व्यवस्था करने को कहा तथा त्रिवेणीगंज में मेगा राहत शिविर खोलने का भी निर्देश दिया।ं

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