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कड़े कानून की जरूरत:कलाम

पूर्व राष्ट्रपति डा. ए पी जे अब्दुल कलाम ने आतंकवाद से निपटने के लिए कठोर कानून बनाने और आतंक से लड़ने के लिए राष्ट्रीय सहमति कायम करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए सबसे जरूरी यह है कि सभी वगोर्ं के लोगों को शामिल कर राष्ट्रीय सहमति कायम की जाए। उन्होंने कहा कि यदि दुष्ट दिमाग आतंक फैलाता है तो अच्छे दिमाग वाले लोगों को मूकदर्शक बन कर नहीं रहना चाहिए। आम लोगों को आतंकियों से लड़ने के काम में शामिल किया जाना चाहिए। डा. कलाम आईआईएम अहमदाबाद में मीडिया कांफ्रेंस को संबोधित करने के दौरान सवालों के जवाब दे रहे थे। डा. कलाम ने कहा कि आतंक फैलाने वाले लोग बाहर से नहीं आ रहे और न ही आतंक पैदा कर बाहर जाते हैं। वह या तो किसी होटल में ठहरते हैं या किसी के मकान में । ऐसे में उन पर तभी नजर रखी जा सकती है जब आम लोग इस लड़ाई में शामिल होंगे। ऐसा करने से आम आदमी आतंकियों की हरकत पर नजर रख सकेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को पकड़े जाने की सूरत में सजा देने के लिए कठोर से कठोर कानून होने चाहिए।

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  • Web Title: कड़े कानून की जरूरत:कलाम