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बड़ा हुआ कार्यक्रमका कैनवास

ृषि विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले ‘कृषि वैज्ञानिक गांव की ओर’ कार्यक्रम का कैनवास बड़ा हो गया है। हर प्रखंड में 15 सितम्बर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम का सिलसिला अब सालोंभर चलता रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों का ठिकाना अब वतानुकूलित कमरों में नहीं खेतों में होगा। किसानों के लिए वे हर वक्त उपलब्ध रहेंगे। 15 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम को भी कृषि मंत्री नागमणि ने ‘लघु किसान मेला’ का स्वरूप देने का निर्देश दिया है। इसके लिए मंत्री ने सभी दलों के विधायकों को पत्र लिखकर उनसे अपने क्षेत्र के किसी एक प्रखंड में इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने का आग्रह किया है।ड्ढr साथ ही जिले के कृषि अधिकारियों को भी यह निर्देश दिया गया है कि अगर पत्र समय पर नहीं पहुंच सके तो वे सभी विधायकों से टेलीफोन पर संपर्क कर उनसे उद्घाटन के लिए आग्रह करं। सभी पंचायत प्रतिनिधियोंे को भी कार्यक्रम में हर हाल में आमंत्रित करने का निर्देश है। कृषि मंत्री ने बताया कि अबतक कृषि वैज्ञानिक खेतों में उतरने से कतराते रहे हैं। यह पैक्िटकल नहीं है कि अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर किसान वैज्ञानिकों के पास जायें। इसीलिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है कि एक साथ मिट्टी की जांच हो जाय और किसानों को वैज्ञानिकों की सलाह भी मिल जाय। आयोजन में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी हो इसके लिए कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जनप्रतिनिधियों की रुचि कृषि योजनाओं में बढ़ेगी तो वे अपने इलाके के किसानों की समृद्धि के प्रति भी जागरूक होंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद कार्यक्रम के माध्यम से राजनीति करना नहीं बल्कि अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाना है।

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