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उड़ीसा की घटना शर्मनाक

उड़ीसा में ईसाइयों पर हमले के विरोध में शनिवार को झारखंड उच्च न्यायालय के समीप स्थापित डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक मानव श्रंखला बनायी गयी। इसमें शामिल लोगों ने परहित सा धर्म नहीं, परपीड़ा सा अधर्म नहीं का नारा लगाया। ये नार लिखी तख्तियां लिये हुए थे। कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने कहा कि देश में सत्याग्रह और अहिंसा की परंपरा रही है। उड़ीसा की घटना ने मानवता को शर्मसार किया है।ड्ढr मेयर रमा खालखो ने कहा कि समाज के सभी लोगों को एक साथ मिलकर रहना चाहिए। इस दौरान श्रंखला में शामिल लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। इसे 13 सूत्री ज्ञापन के साथ राज्यपाल को सौंपा गया। अल्बर्ट एक्का चौक पर हुई सभा में सीपीएम के प्रकाश विप्लव ने विहिप, आरएसएस और बजरंग दल को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने की मांग की। इप्टा के उमेश नजीर ने कहा कि इस घटना को लेकर समाजसेवियों की खामोशी समझ में नहीं आ रही। स्टूडेंट्स फेडरशन ऑफ इंडिया के नदीम खान ने कहा कि कांग्रेस के लचर रवैये से संघ समर्थक दल निरंकुश हुए हैं। सीपीआइ के मुखदेव शर्मा, ऑल चर्चेज कमेटी के अध्यक्ष बिशप सीडी जोजो, फादर एलेक्स एक्का, जसवीर सिंह खुराना, नीरा गर्ग, फादर स्टेन स्वामी, अब्दुल कलाम रशीदी, प्रवीण कुमार, डॉ बोनीफस मिंज, फादर अगस्टिन केरकेट्टा आदि ने भी अपने विचार रखे। ज्ञापन सौंपा : उड़ीसा की घटना के खिलाफ झारखंडी जन पहल की ओर से राज्यपाल को 13 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इसमें उड़ीसा में राष्ट्रपति शासन लागू करने, दोषियों को गिफ्तार करने, व्यापक राहत अभियान चलाने, राहत कार्यो से गैर सरकारी संगठनों को जोड़ने, हिंसा को फैलने से रोकने, पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा, ध्वस्त मकान-भवनों का पुनर्निमाण आदि मांगें शामिल हैं।ं

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  • Web Title: उड़ीसा की घटना शर्मनाक