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.. और अब दिल्ली दहली

ायपुर व बेंगलुरु में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले की जांच अभी थमी भी नहीं थी कि राजधानी दिल्ली में शनिवार शाम महा 26 मिनट के भीतर पांच जगहों पर हुए सीरियल ब्लास्ट से लोग दहल उठे। ब्लास्ट में 20 लोग मार गये जबकि 130 से अधिक लोग घायल हुए। ब्लास्ट की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहदीन ने ली है। वहीं पुलिस ने ब्लास्ट मामले में साजिशकर्ताओं को गिरफ्त में लेने का दावा किया है। पीआरओ राजन भगत का कहना है कि हमार हाथ पुख्ता सुबूत लग चुके हैं। पूछताछ जारी है। पुलिस ने दो जगहों पर 4 जिंदा बमों को निष्क्रिय भी किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने धमाकों के पीछे आतंकियों के कुटिल मंसूबों की कड़ी निंदा करते हुए राजधानी व पूर देश में लोगों से धर्य व शांति बनाए रखने की अपील की है। गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने मार गए लोगों के परिानों के प्रति सहानुभूति जतायी है। उधर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास पर देर रात बुलाई गई राज्य कैबिनेट की आपात बैठक में मृतकों के परिानों को बतौर मुआवजा 5 लाख व घायलों को 50 हाार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। दीक्षित, पाटिल और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने घायलों का हालचाल जानने के लिए विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया। धमाके सबसे पहले करोलबाग के गफ्फार मार्केट, फिर बाराखंभा रोड स्थित गोपालदास भवन के सामने और पालिका बाजार गेट नंबर एक के ठीक सामने सेंट्रल पार्क में हुए। इसके बाद ग्रेटर कैलाश, एम ब्लॉक में एक साथ दो ब्लास्ट हुए। प्रत्यक्षदर्शी संदीप बत्रा ने बताया कि गफ्फार मार्केट में खड़े एक आटो में जोरदार विस्फोट हुआ। फिर गोपालदास बिल्डिंग के पास ब्लास्ट हुआ तो पुलिस की नींद उड़ गई। पुलिस व लोग अभी कुछ समझ ही पाते कि इतने में ग्रेटर कैलाश के एम ब्लॉक में भी दो जबरदस्त विस्फोट हुए। ज्यादातर स्थानों पर बम सड़क के किनार रखे कूड़ेदान के भीतर फिट किए गये थे। उधर रात करीब आठ बजे गोपालदास भवन के बाहर एक बच्चे के शरीर पर बम बंघे होने की खबर फैलते ही सनसनी फैल गई। पुलिस ने फौरन उसे अपने कब्जे में ले लिया। बाद में पता चला कि उसके शरीर पर बम नहीं था। विस्फोट के समय वह घटनास्थल पर ही गुब्बार बेच रहा था। पुलिस उसे पूछताछ कर रही है। चार बम निष्क्रिय किये गयेड्ढr पोटैशियम क्लोरट व अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोगड्ढr नयी दिल्ली (का.सं.)। राजधानी में शनिवार को हुए सीरियल ब्लास्ट में पोटेशियम क्लोरट व अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया। बैटरी के जरिये इन्हें संचालित किया गया। यह कहना है कि ब्लास्ट मामले की जांच में जुटे दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी का। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद इस अधिकारी ने बताया कि ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थो का विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि सीएफएल रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।ं

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