DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिल्ली ब्लास्ट : सूझ नहीं रहा सिरा

दिल्ली में शनिवार को हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच भी उसी दिशा में बढ़ रही है जिसमें अहमदाबाद, जयपुर और बेंगलुरु की है। यहां भी बम लगभग उसी तरह के थे जिस तरह के बमों ने इन तीनों शहरों में आतंक फैलाए थे। लगता है, ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेते हुए इंडियन मुजाहिदीन का ईमेल मुंबई से इस बार भी उसी तरह कंप्यूटर हैक कर भेजा गया जिस तरह अहमदाबाद ब्लास्ट के बाद भेजा गया था। इस तरह की समानताएं हों तो स्वाभाविक है कि जांच में दिल्ली पुलिस की मदद को गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक पुलिस भी लग गई है। दिल्ली पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भी है। करीब दर्जन भर लोगों से पूछताछ हो रही है और जांच टीम को भरोसा है कि इनकी जानकारी से कोई सिरा जरूर पकड़ में आ जाएगा। दिल्ली पुलिस ने अभी स्केच तो जारी नहीं किया है लेकिन राहुल नाम के उस बच्चे से जानकारी जुटाकर इसे तैयार करने की कोशिश की जा रही है जिसने कहा है कि दो लोगों को कनॉट प्लेस के कूड़ेदान में संदिग्ध सामान रखते उसने देखा है। इसी तरह ग्रेटर कैलाश में विस्फोट के लिए जिस साइकिल का इस्तेमाल किया गया, उसके मालिक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यह साइकिल पुरानी है और पुलिस को मिल रही सूचना के मुताबिक, किसी शोरूम कर्मचारी की है। इस बीच दिल्ली पुलिस फरीदाबाद के संजय गांधी मेमोरियल नगर में छापेमारी कर मकान मालिक समेत चार संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए उठा लाई है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरन्द्र मोदी ने दावा किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के दौरान दिल्ली में बम विस्फोट की साजिश की सूचना शेयर की थी। कहना मुश्किल है कि यह दावा कितना सही है लेकिन एक बात तो तय है कि जयपुर पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के कुछ स्लीपर सेल्स के राजधानी में सक्रिय होने की सूचना दिल्ली पुलिस को दी थी। उन तक पहुंचने में सफलता मिलती, उससे पहले ही विस्फोट हो गए। अहमदाबाद बम विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार अबुल बशर के भी दिल्ली विस्फोटों के षडय़ंत्र में शामिल होने का पुलिस को संदेह है। इसकी वजह है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को अब पता लग रहा है कि बशर गत 24 जुलाई को आजमगढ़ से दिल्ली आया था और यहीं से हैदराबाद गया था। बशर हैदराबाद में मुफ्ती रहा है। माना जाता है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी को दोफाड़ करने में उसकी प्रमुख भूमिका रही थी और वह इंडियन मुजाहिदीन के गठन के सूत्रधारों में है। उसने दिल्ली में रहने के दौरान अपने साथियों- दानिश और आफताब के साथ विस्फोट का ताना-बाना रचा। इसी दौरान बशर की मुलाकात सॉफ्टवेयर इांीनियर अब्दुस सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर से भी हुई थी। तौकीर पहले विप्रो में इांीनियर था और मुंबई के मीराबाई रोड पर रहता था। जिस लंबे फ्रेंचकट वाले व्यक्ित की दिल्ली में तलाश की जा रही है, वह तौकीर हो सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दिल्ली ब्लास्ट : सूझ नहीं रहा सिरा