अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ब्रीच क्लोजिंग कार्य शीघ्र शुरू हो : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेकहा है कि कुसहा के समीप टूटे बांध को जबतक बंद नहीं कर लिया जाता है तब-तक पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम संभव नहीं है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ब्रीच क्लोजिंग का फैसला अब केन्द्र को ही लेना है। क्योंकि उनके स्तर से भी विशेषज्ञों की कमेटी बना दी गयी है। बिहार सरकार ने भी विशेषज्ञों की कमेटी बनायी थी लेकिन जब केन्द्र की कमेटी बन गयी है तब फैसला उन्हें ही लेना है। रविवार को सहरसा में मेगा कैम्प में शरण लिए बाढ़पीड़ितों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री श्री कुमार ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सबसे जरूरी और पहला काम टूटे बांध को बंद करना है क्योंकि जबतक वह बंद नहीं होगा कोसी का बहाव पूरब-दक्षिण की दिशा में होता रहेगा और इस कारण पूर इलाके में पुनस्र्थापना और पुर्ननिर्माण का काम बाधित रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्रीच क्लोजिंग काम शुरू करने में जितना विलम्ब होगा आगे और समस्या बढ़ेगी। 15 अक्तूबर तक क्या करना है, यह निर्णय नहीं हो जाता तो कोसी क्षेत्र को अगली बाढ़ भी झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जबतक पानी है और क्लोजर बांध नहीं बन जाता है तबतक सेना और एनडीआरएफ का यहां रहना जरूरी है। कम से कम 15 अक्तूबर तक तो खतरा बना ही रहेगा। यह पूछे जाने पर कि तटबंधों के रख-रखाव में किस स्तर पर गड़बड़ियां हुई? इस सवाल को टालते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि यह सब जूडिसीयल जांच में ही आ जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ब्रीच क्लोजिंग कार्य शीघ्र शुरू हो : नीतीश