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भूषण के बाद जुपिटर, उद्यमियों में चिंता

पोटका में भूषण कंपनी के सव्रेयरों के साथ मारपीट की घटना के बाद रविवार को जुपिटर कंपनी में शनिवार को काम बंद कराने की घटना ने उद्यमी-व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि इन घटनाओं से औद्योगिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।ड्ढr बताते चलें कि खरसावां में शनिवार को लगभग दो सौ हथियारबंद लोगों ने पुलिस-प्रशासन की उपस्थिति में निर्माण कार्य बंद करा दिया था और मजदूरों के लिए बन रहे भोजन को फेंक दिया था। जुपिटर खरसावां में 150 करोड़ की लागत से सीमेंट प्लांट बैठाने जा रहा है जिसमें करीब 1500 लोंगों को रोगार मिलेगा। रविवार को जुपिटर कंपनी के जन संपर्क पदाधिकारी गोपाल जी के बयान पर खरसावां थाने में नौ लोगों पर नामजद तथा 200 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कंपनी के उपमहाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) राजेश कुमार ने कहा कि विरोध करनेवाले लोग बाहरी थे जिन्होंने बहकावे में आकर ऐसा किया। स्थानीय ग्रामीण उद्योग की स्थापना के पक्ष में हैं और यही कारण है कि उन्होंने कंपनी को सुरक्षा देने में प्रशासन की विफलता के खिलाफ सड़क जाम की थी। राजेश ने बताया कि प्रशासन ने मसले को सुलझाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। मंगलवार को एसडीओ ने प्रबंधन को बुलाया है।ड्ढr इधर एसपी लक्ष्मण प्रसाद सिंह का कहना है कि निर्माण स्थान पर पुलिस का पुख्ता बंदोबस्त था लेकिन इतनी बड़ी संख्या में जमा लोंगों पर बल प्रयोग करना उचित नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्रोजक्ट में जिनकी जमीन नहीं ली गयी है वे विरोध कर रहे हैं। इसका बातचीत से हल निकाला जायेगा। उपायुक्त राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि वे मामले को देख रहे हैं। इस बीच झादिपा ने चेतावनी दी है कि वह कृषि भूमि पर प्लांट नहीं लगाने देगी।

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