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गरीबों के अनाज पर कटौती का खतरा टला

बिहार में गरीबों के अनाज पर कटौती का खतरा टल गया है। राज्य सरकार को जिलों से पिछले छह साल के दौरान अनाज के उठाव और वितरण का हिसाब मिल गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग 2001-02 से 2006-07 तक का ब्योरा जल्द ही केन्द्र को उपलब्ध करा देगा। उपयोगिता प्रमाण पत्र के अभाव में केन्द्र सरकार ने गरीबों के लिए आवंटित अनाज के कोटे में कटौती की धमकी दी थी।ड्ढr गौरतलब है कि केन्द्र से फिलहाल बिहार के 65 लाख बीपीएल व अन्त्योदय परिवारों के लिए प्रतिमाह 2.28 लाख टन अनाज मिलता है।ड्ढr ड्ढr पुनरीक्षित पारिवारिक सर्वेक्षण में बीपीएल परिवारों की संख्या 1.21 करोड़ हो जाने की वजह से बिहार को प्रतिमाह 4,23,500 टन अनाज की जरूरत है। केन्द्र के रवैये से सकते में पड़े विभाग ने कटौती की हालत में जिलाधिकारियों पर ही कार्रवाई की धमकी दी, तब जाकर बात बनी है। सूत्रों के अनुसार सीतामढ़ी और पूर्णिया से मिले उपयोगिता प्रमाण पत्र में आंशिक त्रुटि है जिसे दूर कर लिया जायेगा। जिलों ने बताया है कि उक्त अविधि में उन्हें आवंटित चावल-गेहूं में से कितने का उठाव हुआ और वितरण के बाद कितना स्टॉक बचा रहा।

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