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सेंट्रल को-ऑपरटिव बैंक में करोड़ों का घोटाला

बिहार राज्य सहकारिता बैँंक (सेंट्रल को-ऑपरटिव बैंक) में करोड़ों रुपयों के घोटाले का सनसनीखे मामला प्रकाश में आया है। दिलचस्प यह है कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से छह वर्षों तक दबाए रखे गए इस मामले को जब बैंक के मुख्य निगरानी पदाधिकारी ने उाागर करते हुए जांच शुरू की तो उनको यहां से हटाने की साजिश शुरू हो गई। सूत्रोंे के अनुसार विभाग के एक उच्च अधिकारी पर घोटालेबाजों को संरक्षण देने का आरोप है।ड्ढr ड्ढr उनकी अनुशंसा पर सहकारिता मंत्री ने उक्त अधिकारी को स्थानांतरित करने का आदेश भी दे दिया था पर जांच अधिकारी ने जब सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी तो मंत्री ने अपने आदेश को वापस ले लिया। सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह ने स्वीकार किया कि वह भी गलतफहमी का शिकार हो गए थे। जब इस घोटाले की वास्तविकता का पता चला तो उन्होंने तत्काल उक्त जांच अधिकारी को उनके पद पर बने रहने का आदेश दिया है। मंत्री के अनुसार उनकी जानकारी में 6 करोड़ 80 लाख का घोटाला हुआ है।ड्ढr सूत्रों के अनुसार को-ऑपरटिव बैंक में हुए घोटाले का यह मामला 2002 से 2005 के बीच का है। इस दौरान बैंक की हटिया शाखा में ऋण के नाम पर घोटाले हुए। इस शाखा में पदस्थापित अधिकारियों द्वारा द्वारा लगभग तेरह करोड़ का घोटाला किए जाने के बावजूद इस काल में तीन उपमहाप्रबंधक सीताराम सिंह, कुमार शांत रक्षित एवं एस ए हुसैन ने इस शाखा का निरीक्षण भी किया पर घोटाले को दबा दिया। सूत्रों के अनुसार बैंक के मुख्य निगरानी पदाधिकारी अजय कु मार वर्मा (आईपीएस) द्वारा बैंक में घोटाले की जांच में पाया गया कि बैक पदाधिकारियों की मिलीभगत के कारण मुख्यालय से स्वीकृत करीब 110 करोड़ का ऋण अनुत्पादक हो गया है। इसी तरह शाखाओं से वितरित करीब 40 करोड़ का ऋण अनुत्पादक हो गया। अधिकतर मामलों में नीति निर्देशों की जमकर धज्जी उड़ाई गई। ऐसे घोटाले कर बैंक के कई अधिकारियों, जिनमें कई सेवानिवृत हो चुके हैं ने आय से काफी अधिक संपत्ति अर्जितड्ढr कर ली।ड्ढr ड्ढr इस संदर्भ में पूछे जाने पर सहकारिता सचिव रविकांत ने कहा कि आप बैंक के एमडी से बात करं। उन्होंने कहा कि बस वह इतना ही बता पाएंगे कि इस मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से जांच और कार्रवाई की पूरी छूट है। इधर जब इस मामले के जांचकर्ता और घोटाले को उाागर करने वाले अधिकारी अजय वर्मा से बात करने की कोशिश की गई तो पता चला कि वे लंबी छुट्टी पर तथा बिहार से बाहर हैं।

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  • Web Title: सेंट्रल को-ऑपरटिव बैंक में करोड़ों का घोटाला