अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशन पर रोक लगी

चुनाव आयोग ने राज्य के 11 जिलों के 31 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम अधिक बढ़ जाने के कारण फ ोटोयुक्त मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगा दी है। मतदाता सूची की गहन जांच के बाद ही सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि निर्धारित की जाएगी। इन विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर यह कदम उठाया है। राज्य चुनाव कार्यालय ने सोमवार को राज्य के 163 विधान सभा क्षेत्रों में फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है।ड्ढr ड्ढr आयोग ने जिन ग्यारह जिलों के विधानसभा क्षेत्रों की जांच का निर्देश दिया हे उनमें किशनगंज, रोहतास, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान, नवादा और भागलपुर जिले शामिल हैं। राज्य चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि परिसीमन के कारण बड़ी संख्या में क्षेत्र बदल गए हैं और उनका पुनर्गठन हुआ है। मतदाताओं की बड़ी संख्या इधर से उधर होने के कारण 31 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बढ़ गई है। हालांकि मतदाता सूची में नाम नियम 21 के तहत जोड़े गए हैं। लेकिन इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या एक हाार से तीन-तीन हाार तक मतदाताओं की संख्या बढ़ गई है। आशंका है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में गलत नाम जोड़ दिया गया है। ऐसे में आयोग ने इन विधानसभा क्षेत्रों में पदाधिकारियों की विशेष टीम गठित कर जांच का आदेश दिया है। विशेष टीम के अधिकारी मतदान केंद्रवार समीक्षा करंगे। बाढ़ प्रभावित जिलों के 4विधान सभा क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कुमार राकेश ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के आलोक में नियम 21 के तहत जोड़े गए नामों की समीक्षा की जा रही हैं। इस संबंध में मंगलवार को बैठक भी हुई। उन्होंने बताया कि समीक्षा के बाद जल्दी ही हम आयोग को रिपोर्ट भेज देंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशन पर रोक लगी