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कई इलाकों में हालात जस के तस

सहरसा तथा सुपौल जिले में पानी घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति यथावत बनी है। अंदर के इलाकों में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। राहत सामग्रियों की लूट को रोकने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त हेमचन्द्र सिरोही ने सहरसा-महेशखूंट मार्ग पर पुलिस गश्त तेज करने का निर्देश दिया है। इधर सुपौल के वीरपुर में एसडीओ के नेतृत्व में फंसे लोगों के बीच बाढ़ राहत कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया है। मधेपुरा में बाढ़ का पानी धीर-धीर घट रहा है। मधेपुरा व सुपौल में अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की डूबने से मौत की खबर है।ड्ढr ड्ढr फारबिसगंज-ाोगबनी मुख्य सड़क स्थित बथनाहा मंडल चौक के समीप व भरमागा बाजार में बाढ़ पीड़ितों ने रोड जामकर घंटों आवागमन बाधित कर दिया। बाढ़ पीड़ितों का आरोप था कि शिविर में घटिया भोजन परोसा जा रहा है और वहां दलालों का साम्राज्य कायम है। किसी तरह की सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। वहीं भरगामा के बाढ़ पीड़ितों का आरोप था कि बाढ़पीड़ितों को राहत सामग्री नहीं दी जा रही है। बच्चों को समय पर खाना नहीं मिल रहा है। बथनाहा थानाध्यक्ष एवं प्रशासन द्वारा काफी समझाने बुझाने के बाद प्रदर्शन को समाप्त किया गया। उधर भरगामा-महथावा सड़क मार्ग मुख्य बाजार के समीप जाम और प्रदर्शन के दौरान मानगंज चिकनी गांव निवासी देव नारायण मेहता की पत्नी निरसी देवी एवं जदिया के योगेन्द्र मेहता की पत्नी सुदामा बेहोश होकर गिर पड़ी। भरगामा अस्पताल में दोनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उधर पूर्णिया के बनमनखी, धमदाहा, मीरगंज और बड़हरा कोठी के गांव में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अररिया के भरगामा प्रखंड के उत्तरी भाग समेत सीमावर्ती गांवों में बाढ़ की स्थिति यथावत बनी हुई है। कटिहार में निसुंधरा पुल के पास पानी का दवाब अभी भी बना हुआ है।ड्ढr ड्ढr मधेपुरा में विभिन्न इलाके में पानी में डूबने से 6 लोगों की मौत हो गयी। चौसा प्रखंड क्षेत्र में नाव पलटने एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गयी जबकि कुमारखंड के रानीपट्टी सुखासन में पानी में डूबने से एक महिला ने दम तोड़ दिया। इसी तरह उदाकिशुनगंज प्रखंड में पानी के तेज बहाव में दो लोग बह गये। सुपौल के छातापुर और प्रतापगंज में बाढ़ के पानी में मामूली सुधार हुआ है। छातापुर के नरहैया गांव में पानी में डूबने से एक व्यक्ित की मौत होने की सूचना है। वहीं त्रिवेणीगंज में पानी के जलस्तर में हल्का सुधार हुआ है। प्रतापगंज बाजार और आसपास के क्षेत्रों से पानी के जलस्तर में कमी होने की खबर है। बाढ़ पीड़ितों को बैंकिंग सुविधा प्रदान के लिए भारतीय स्टेट बैंक की ओर से चलंत मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू की गयी है जो सभी शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को बैंकिंग सुविधा प्रदान करगी।ड्ढr ड्ढr पूर्णिया के पास पानी जिस हिसाब से घटा था, उसी हिसाब से बढ़ने भी लगा है जिससे लोग आशंकित हैं। चांदपुर भंगहा के समीप अभी भी पानी सड़क के आर-पार हो रहा है जबकि बनमनखी की आठ पंचायतों में स्थिति जस की तस है। इधर, अमौर एवं वैसा प्रखंडों में नदियों के स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है किन्तु स्थिति यथावत है। दर्जनों गांव अभी भी डूबे हुए हैं।ड्ढr अररिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रतिदिन दर्जनों लोग डायरिया की चपेट में आकर भरगामा अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। जबकि अन्य बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी कमने के बाद स्थिति में धीर-धीर सुधार हो रहा है।ड्ढr कटिहार में बहने वाली गंगा, कोसी, कारी कोसी एवं महानंदा नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है। बरंडी नदी का दवाब थामस बांध के समीप लगातार बना हुआ है। सभी नदियों का जलस्तर लगातार घटने से लोगों ने राहत की सांस ली है।

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