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लीमन के भारतीय पेशेवरों का क्या होगा?

अमेरिका में लीमन ब्रदर्स के सोमवार को दिवालिया होने संबंधी आवेदन के साथ ही भारत में भी इस कंपनी के करीब ढाई हाार पेशेवरों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। अभी पक्के तौर पर कोई नहीं कह सकता कि इन कर्मियों की नौकरी बचेगी या जाएगी। ये अधिकतर मुम्बई और देश के दूसर प्रमुख महानगरों में लीमैन के दफ्तरों में काम करते हैं।ड्ढr ड्ढr कुछ जानकार कह रहे हैं कि लीमन से जुड़ी उसकी सहयोगी कंपनियां पहले की तरह काम करती रहेंगी। इसलिए उनमें काम करने वाले पेशेवरों को अपनी नौकरी को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं। इस बीच,सूत्रों ने बताया कि लीमन ब्रदर्स ने आईआईएम, अहमदाबाद, कोलकाता और बैंगलुरु जसे बेहतरीन मैनजमैंट शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी संकट में डाल दिया है। इन सभी में होने वाली कैम्पस प्लेसमेंट बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। दरअसल लीमन हर साल इन तीनों प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के काफी विद्यार्थियों को अपना यहां मोटी पगार पर नौकरी देती रही है।ड्ढr ड्ढr आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसेर सौरभ मुखर्जी ने कहा कि लीमन हमार विद्यार्थियों को हाथों-हाथ लेती रही है। भविष्य में क्या होगा, कुछ भी नहीं का जा सकता। इस बीच, यह भी सामने आया है कि खराब साख के लोगों को लोन देने की वजह से संकट में फंसी लीमन ने अपने दिवालिया होने से पहले ही भारतीय कंपनियों में अपने निवेश की बिकवाली शुरू कर दी थी। इससे भारत के शेयर बाजार में गिरावट के रुख को बल मिला। आंकड़े बताते हैं कि लगभग तीन हफ्ते में उसने करीब 500 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका में खराब र्कादारों (सब प्राइम) के संकट का मामला अगर अभी भी पूरी तरह उाागर नहीं हुआ है, तो भविष्य में अन्य एसी कंपनियां पार्टिसिपेटरी नोट के जरिये खरीदे शेयरों की भारी बिकवाली कर सकती हैं। लीमन की भारतीय इकाई पर बंदिशेंड्ढr मुंबई (पट्र्र)। रिार्व बैंक ने अमेरिकी निवेश बैंक लीमन ब्रदर्स की यहां स्थित इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे बैंक की मंजूरी के बगैर अपनी पूंजी बाहर न भेजें। सेंट्रल बैंक ने लीमन ब्रदर्स कैपिटल लिमिटेड और लीमन ब्रदर्स फिक्सड इनकम सिक्युरिटीा से सरकारी प्रतिभूतियों से संबंधित हर तरह का लेनदेन रोक दिया है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में निजी क्षेत्र का यह विशालकाय बैंक पिछले कुछ समय से वित्तीय कठिनाई से गुजर रहा था और अन्तत: उसे खुद को दिवालिया घोषित करना पड़ा। रिार्व बैंक की घटना पर नजर है और वह बैंक के आवेदन को बारीकी से जांच-परख रहा है।ड्ढr साथ ही लीमन ब्रदर्स की बदहाली के बाद भारतीय बाजार पर पड़ने वाले असर पर भी नजर रखी जा रही है।ड्ढr रिार्व बैंक ने कहा है कि लीमन की इकाइयों को सलाह दी गई है कि वे सरकारी प्रतिभूतियों के मामले में किसी तरह के लेनदेन से दूर रहे।

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