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बिजली के लिए हाय-तौबा

राजेन्द्रनगर, मछुआ टोली, लोहानीपुर सहित कई मोहल्लों में मंगलवार को लगभग 32 घंटे बाद बिजली आयी। चिरैयाटांड़ पुल के समीप क्षतिग्रस्त केबल को दुरुस्त कर शाम करीब 7 बजे आपूर्ति शुरू की जा सकी। सोमवार की सुबह 11 बजे से ही केबल क्षतिग्रस्त हो जाने से राजेन्द्रनगर व मछुआ टोली सबस्टेशनों से जुड़े मोहल्लों में बिजली व पानी के लिए हाहाकार मच गया था। हालांकि मंगलवार को भी दिनभर लोगों में हाहाकार की स्थिति बनी रही। लोग यहां-वहां से पानी भरकर लाते रहे तब जाकर चूल्हा-चौका हो सका। पानी के अभाव में लोग दफ्तर भी बिना कुछ खाए-पीए ही गए।ड्ढr ड्ढr इस दौरान पेसू द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर सैदपुर फीडर से राजेद्रनगर व मछुआ टोली के मोहल्लों में पानी के लिए बिजली कुछ-कुछ देर के लिए दी जाती रही। राजेन्द्रनगर के कार्यपालक अभियंता बलिराम सिंह अपने सहयोगियों के संग चिरैयाटांड़ पुल के समीप केबल को दुरुस्त करने मेंजुटे रहे। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजे आपूर्ति नार्मल हो गयी। इसके कुछ पहले केबल को दुरुस्त कर चार्ज किया गया। दूसरी ओर कंकड़बाग, अशोकनगर, पीसी कालोनी, रामकृष्णानगर, बहादुरपुर, चांदमारी आदि इलाकों में मेंटिनेंस वर्क के कारण लगभग चार घंटे तक बिजली गुल रही। हालांकि इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दे दी गयी थी। वहीं विभिन्न फीडरों के ओवरलोड होने से शाम के बाद खगौल, मीठापुर व जक्कनपुर फीडरों से लोडशेडिंग की गयी जिससे मोहल्लों में लोगों को हलकान होना पड़ा। बिजली बोर्ड के प्रवक्ता एसके घोष के मुताबिक सेट्रल सेक्टर से मेगावाट बिजली ही मिली।

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