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ये कानून काफी नहीं : मोइली

सरकार की उच्च स्तरीय और प्रमुख कमेटी ने माना है कि आतंकवाद से निपटने के लिए मौजूद कानून पर्याप्त नहीं है। इसके लिए अलग से सख्त प्रावधान होने जरूरी हैं। आतंकी अपराधों की जांच के लिए फेडरल एजेंसी का सुझाव देते हुए कमेटी ने सीबीआई में एक विशेष प्रभाग खोलने की सिफारिश की है।ड्ढr सरकारी कमेटी का यह मत यूपीए सरकार से बिल्कुल भिन्न है क्योंकि दुरुपयोग के कारण पोटा समाप्त करने के बाद सरकार यह मानती रही है कि अनलॉफुल एक्िटविटी एक्ट आतंकवाद से निपटने में सक्षम है। आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर दूसर प्रशासनिक सुधार आयोग ने मंगलवार को दी अपनी रिपोर्ट में कहा कि आतंकवाद के सभी पहलुओं (ाातीय राष्ट्रवादी आतंकवाद, धार्मिक, वैचारिक, दक्षिणपंथी, राज्य समर्थित और नारको आतंकवाद) से निपटने के लिए समग्र और प्रभावी कानूनी ढांचा बनाने की जरूरत है। आयोग के अध्यक्ष वीरप्पा मोइली ने कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), 10 में नए अध्याय जोड़े जा सकते हैं।ड्ढr एक बार यदि कोई व्यक्ित एनएसए में निरुद्ध हो जाए तो उसे जमानत नहीं देनी चाहिए।

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