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‘अभिनव-चासपाल पर चढ़ा सफलता का नशा’

भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ (एनआरएआई) से सहयोग नहीं मिलने संबंधी देश के प्रमुख निशानेबाजों अभिनव बिंद्रा और जसपाल राणा के आरोपों को खारिज करते हुए इस संगठन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि संभवत: इन लोगों के सिर पर सफलता का नशा सवार हो गया है। दिग्विजय ने एक टीवी चैनल पर प्रसारित चर्चा में कहा कि कोई मदद नहीं मिलने संबंधी बिंद्रा और राणा के आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि इन निशानेबाजों का यह कहना अहसानफरामोशी है कि उनकी सफलता में एनआरएआई का कोई योगदान नहीं है। मेरा मानना है कि हमारे सहयोग के बगैर उनका इस मुकाम तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। ऐसा लगता है कि उनके सिर पर सफलता का नशा सवार हो गया है।’ इस पर जसपाल ने कहा कि मौजूदा सिस्टम में कोई चैंपियन खिलाड़ी नहीं पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कित् मैंने दो वर्षों से पिस्टल नहीं उठाई है क्योंकि प्रैक्िटस के लिए मेरे पास कारतूस ही नहीं हैं। लेकिन एसोसिएशन को इस बात से कोई फर्क नहीं पडता है कि मैं आखिर प्रैक्िटस क्यों नहीं कर रहा हूं।’ बीजिंग ओलंपिक में स्वर्णपदक जीतने वाले अभिनव के पिता ए एस बिंद्रा ने भी एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर नाखुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निशानेबाजों को प्रैक्िटस के लिए अपने खर्च पर कारतूस खरीदने पडते हैं। उन्होंने कहा कि इस संगठन को अपने खातों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। जहां एक ओर एनआरएआई अध्यक्ष दिग्विजय सिंह अभिनव बिंद्रा और जसपाल राणा पर कसैली टिप्पणी कर रहे थे वहीं ओलंपिक पदक विजेताओं अभिनव बिन्द्रा, विजेन्दर कुमार और सुशील कुमार को बीिजग खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए केन्द्रीय खेल मंत्रालय की ओर से विशेष नकद पुरस्कार दिए गए। केन्द्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री एम एस गिल ने अभिनव को पुरुष 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने पर 50 लाख रुपए प्रदान किए। ओलंपिक कांस्य विजेताओं सुशील (कुश्ती) और विजेन्दर (मुक्केबाजी) में से हरेक को 20-20 लाख रुपए दिए गए।

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