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कड़ा कानून कबूल पर पोटा कतई नहीं

दिल्ली में सीरियल बम ब्लास्ट से चौतरफा हमलों से घिरी यूपीए सरकार ने आंतकवादी तत्त्वों के खिलाफ मौजूदा कानून को और अधिक सख्त करने पर जोर दिया है, लेकिन इस आशय की खबरों का पूरी तरह खंडन किया है कि सरकार विवादास्पद पोटा जसा कानून लाने के बार में सोच रही है। केंद्र सरकार की ओर से सूचना व प्रसारण मंत्री प्रियरांन दासमुंशी ने तलाक, तलाक, तलाक की तर्ज पर कह दिया- पोटा? नो, नो, नो। केंद्र के रुख से साफ हो गया है कि सरकार मौजूदा रासुका में आंतकवाद विरोधी चैप्टर को शामिल करउसे ही और कड़ा बनाना चाहती है। इससे अांतकी वारदातों में शामिल शख्स का मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान उसके खिलाफ ट्रायल में पुख्ता सबूत मान लिया जाएगा। प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकार इसमें बेक सूरों की रक्षा के लिए हर केस की तीन माह में समीक्षा का प्रावधान रखेगी ताकि बेकसूरों के हितों की रक्षा केलिए वैकल्पिक रास्ता बचा रहे। पोटा जसा कानून लाने को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही माथापच्ची के बाद आखिर सरकार को लगा कि यदि पोटा की खबरं हवा में तैरती रहीं तो यह मसला बैक फायर कर जाएगा क्योंकि यूपीए ने सत्ता में आते ही सबसे पहले पोटा खत्म किया था। दासमुंशी ने कहा कि हमार देश में मौजूदा कानून अपने आप में काफी सक्षम हैं, इसलिए पोटा जसे काले कानूनों को फिर से देश पर लादने का कोई सवाल नहीं उठता। केन्द्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने आतंकवाद के खिलाफ सभी मोर्चो पर प्रभावी कदम उठाने का ऐलान करते हुए कहा कि सभी राज्यों में अलग से विश्लेषण व शोध तंत्र स्थापित किए जाएंगे। उधर राजधानी दिल्ली को आतंकवाद के खतर से बचाने के लिए एक्शन प्लान की घोषणा करते हुए गृह सचिव ने बताया कि सभी व्यस्त और भीड़भाड़ वाले बाजारों में खुफिया और निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया जाएगा। क्लोज सर्किट टीवी कैमर लगाने के लिए करीब 58 बाजारों की पहचान की गई है। चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए राजधानी को 7612 और पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा 112 वाहन भी पुलिस को दिए जा रहे हैं। गृह मंत्रालय ने राजधानी में 27 ऐसे बॉर्डर इलाकों की पहचान की है जहां आने-ााने वालों पर निगाह रखी जाएगी। 11 नए थाने मंजूर किए गए हैं। मार्केट एसोसिएशनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी केन्द्र सरकार का जोर है और इसके बार में जल्द ही जमीनी स्तर पर काम तेज होगा। गृह सचिव ने बताया कि राज्यों के साथ आतंक के खिलाफ बेहतर तालेमल करने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स गठित करने का फैसला किया गया है।ं

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