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आतंकियों को करारा जवाब देश ने दिया

राजधानी में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी समेत इंडियन मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों को पुलिस ने शुक्रवार को जामिया नगर इलाके में हुई मुठभेड़ में मार गिराया। एक आतंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथी पुलिस टीम पर गोली चलाते हुए फरार होने में सफल रहे। आतंकी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ इलाके के रहने वाले हैं। मुठभेड़ को दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए, जबकि हवलदार बलवंत घायल हो गया। दिल्ली पुलिस ने यह दावा किया है कि मार गए आतंकी के इस मॉडय़ूल ने ही हैदराबाद, अहमदाबाद व जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट की वारदात को भी अंजाम दिया था। मुठभेड़ में मार गए आतंकियों में आतिफ उर्फ बशीर व साजिद शामिल हैं। गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सैफ है। बशीर इस मॉडय़ूल का मुख्य सरगना है। पुलिस ने इनके पास से एक ए.के. 47, दो पिस्तौल, एक कप्यूटर व कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। ड्ढr उधर देर रात पुलिस ने झंडेवालान इलाके में आतंकियों के एक अन्य साथी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिया गया संदिग्ध आतंकियों के रूम मेट रह चुका है। उससे पूछताछ जारी है। पुलिस कमिश्नर वाई.एस. डडवाल ने बताया कि स्पेशल सेल के ज्वाइंट सीपी करनैल सिंह ने डीसीपी आलोक कुमार की देखरख में एसीपी संजीव यादव के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की टीम को लगाया था। आतंकियों के ठिकाने एल-18 पर जांच टीम ने छापेमारी की तो आतंकियों ने पुलिस पर गोलियां चलाते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस ने भी गोली चलाई। आतंकियों ने आठ राउंड फायरिंग की। पुलिस ने 22 राउंड गोलियां चलाईं। ऐसे हुआ ऑपरशन एल-18 : दिल्ली में गत 13 सितम्बर को हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच सौपी गई स्पेशल सेल की टीम को। तफ्तीश की जिम्मेदारी संभाली इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा ने। लोकल इंटेलिजेंस के जरिये उनके हाथ लगे अहम सुराग। संदिग्धों से हुई पूछताछ और फिर मोहन चंद जुट गए सीरियल ब्लास्ट ऑपरशन के मकड़ााल को तोड़ने में। मोहन ने अपने मुखबिरों का जाल बिछा दिया और सूचना के आधार पर मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए। गुरुवार रात तक स्पेशल सेल के पास काफी कुछ जुट चुका था। सर्विलांस से पता चला आतंकियों ने बटला हाउस के मकान नंबर-एल-18 में अपना ठिकाना बना रखा है। पुलिस ने इलाके की रकी तो खुलासा हुआ कि आतंकी चौथी मंजिल पर रहते हैं । सूचनाएं पूरी तरह पकने के बाद मोहन चंद शर्मा ने एसीपी, डीसीपी व ज्वाइंट सीपी को पूरी जानकारी से अवगत कराया। इसके बाद ऑपरशन को हरी झंडी मिल गई। नौ बजे शर्मा ने अपनी टीम के साथ रणनीति तैयार की। पुलिस की टीम सुबह करीब साढ़े दस बजे सादी वर्दी में बटला हाउस पहुंची और चौथी मंजिल पर स्थित मकान नंबर-एल-18 का दरवाजा खटखटाया। अंदर से आवाज आई कौन? टीम का नेतृत्व कर रहे शर्मा जब तक कुछ जवाब देते, अंदर से इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी एक साथ निकले। आतंकियों में से एक ने इंस्पेक्टर शर्मा को पकड़ लिया और उसके साथियों ने गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। यह मुठभेड़ तकरीबन 0 मिनट तक चली। इस दौरान मोहन चंद शर्मा व हवलदार बलवंत घायल हो गए। शर्मा को तीन गोलियां लगीं थीं। एल-18 ऑपरशन तो समाप्त हुआ लेकिन इलाज के दौरान घायल हुए इंस्पेक्टर शर्मा ने दम तोड़ दिया।

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