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छठे वेतन को लेकर शिक्षा पदा. गुस्से में

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को अगर झारखंड में लागू किया गया, तो शिक्षक और पदाधिकारियों का वेतन एक बराबर हो जायेगा। इससे शिक्षा पदाधिकारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें छठा वेतन आयोग को लेकर चर्चा की गयी।ड्ढr पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूल में पढ़ानेवाले मैट्रिक प्रशिक्षित शिक्षक एवं स्कूल इंस्पेक्टर को एक ही ग्रेड में रखा गया है। एक ही वेतनमान में आ जाने से शिक्षक उनकी बातों को हमेशा अनसुनी करेंगे। इस संदर्भ में सरकार को आपत्ति दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।ड्ढr राज्यभर के सभी अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पदाधिकारी 28 सितंबर को बैठक कर आपत्ति का प्रारूप तैयार करंगे। इसकी प्रति फिटमेंट कमेटी एवं सरकार को भी दी जायेगी।छठा वेतनमान 06 से लागू करने की मांगरांची। छठा पुनरीक्षित वेतनमान एक जनवरी 2006 से लागू करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने शुक्रवार को सीएमओ को ज्ञापन सौंपा। झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (टोप्पो गुट) ने केंद्र के अनुरूप ही 2006 से सारी सुविधाएं झारखंड के प्राथमिक शिक्षकों को भी देने की मांग की है। महासचिव योगेंद्र तिवारी एवं उप महासचिव रणविजय तिवारी ने कहा है कि अगर छठे पुनरीक्षित वेतनमान में संशोधन नहीं किया गया, तो प्राथमिक शिक्षक सड़क पर उतरंगे। कहा कि पांचवां पुनरीक्षित वेतनमान भी वर्ष 1से लागू किया गया था। एक अप्रैल 2007 से बकाया अंतर वेतन देने की घोषणा से राज्य के शिक्षक काफी आक्रोशित हैं। सरकार की इस नीति खिलाफ सभी गोलबंद होने लगे हैं। 28 सितंबर को कार्यसमिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरखा तैयार की जायेगी।

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