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दिल्ली पुलिस ने की धमाकों की साजिश बेनकाब

दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद हुए सीरियल ब्लास्ट्स के पीछे आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। इस संगठन ने सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन ग्रुप से हाथ मिलाकर धमाको को अंजाम दिया। लश्कर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता है। इस बार आईएसआई ने लश्कर की मार्फत भारतीय युवाओं का सहारा लेकर अपने मंसूबों को पूरा किया। यह खुलासा जामिया नगर बटला हाउस में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आतंकवादी मोहम्मद सैफ तथा जिशान अहमद से की गई पूछताछ में हुआ है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त करनैल सिंह ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया इस माड्यूल में कुल 13 आतंकी शामिल हैं और सभी उत्तर प्रदेश आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों से एक लेपटॉप बरामद हुआ है जिससे अहम जानकारियां मिली हैं। लश्कर इन दोनों ग्रुप को आर्थिक मदद कर रहा है। पता चला है कि ग्रेटर कैलाश में आतिफ तथा जुनेद ने, रीगल सिनेमा के पास सैफ तथा खालिद ने और गफ्फार मार्किट में शहााद मलिक ने बम रखा था। बम दिल्ली में ही तैयार किए गए थे लेकि न विस्फोटक कर्नाटक से ट्रेन द्वारा लाया गया था। फरार साजिद ने सभी शहरों में हुए धमाकों के लिए बम तैयार किए थे। करनैल सिंह ने बताया कि आतिफ अल कायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन तथा सुभान कुरैशी से बेहद प्रभावित था। उसके लेपटॉप से लादेन तथा कुरैशी का फोटो मिला है। लेपटॉप से जो ई-मेल किए गए, उनके बार में विश्लेषण किया जा रहा है। दिल्ली, अहमदाबाद, वाराणसी व जयपुर धमाकों में 13 लोग शामिल 11 फरार। दिल्ली धमाकों में इस्तेमाल बम कर्नाटक से लाए गए मार जा चुके आसिफ के लैपटॉप में आरोपी मास्टरमाइंड कुरैशी और ओसामा बिन लादेन के फोटो मिले पुलिस के मुताबिक सिमी और इंडियन मुजाहिदीन को निकट लाने में पाकिस्तानी आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका अल-कायदा के भी असर में थे आतिफ और अन्य आतंकवादी।

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