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कैसे पूरी हो रसूलन बी की ख्वाहिश!

परमवीर चक्र विोता शहीद अब्दुल हमीद की वर्षीय पत्नी रसूलन बीवी की आखिरी ख्वाहिश है कि वह देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति को साक्षात देख सके। गााीपुर के हमीदधाम धामूपुर की रहने वाली रसूलन की हसरत को पंख तब लगेोब उन्हें पता चला कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील लखनऊ आ रही हैं। वह भी विश्वविद्यालय में,ोहाँ उनका पौत्र सहाबुद्दीन अहमद बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। इसके बाद रसूलन बीवी ने अपने पौत्र के माध्यम से विवि प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया।ड्ढr विवि प्रशासन ने पास बनाने का भरोसा दिया। इस पर रसूलन ने सामान पैक कर ट्रेन से लखनऊ आने का रिाव्रेशन करा लिया। लेकिन अब विवि ने उन्हें पास देने से मना कर दिया।ड्ढr उनका पौत्र सहाबुद्दीन अहमद कहता है कि उसे विवि के प्रॉक्टर डॉ. एएन सिंह ने प्रार्थना पत्र लेकर भरोसा दिलाया था कि उनकी दादी को बुलायाोाएगा। स्वयं प्रॉक्टर डॉ. एएन सिंह ने पास देने की संस्तुति देते हुए उनकी दादी को आमंत्रित करने में विवि के लिए गौरव की बात कही थी। मगर अब विवि के आला अधिकारी पास नहीं दे रहे हैं। इस सिलसिले मेंोब वह अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. निशि पाण्डेय से मिलने गया तो उसे यह कहकर दुत्कार दिया गया कि परमवीर चक्र तुम्हार बाबा नेोीता था। तुम्हारी दादी का इससे क्या लेना देना? हम उन्हें क्यों बुलाएँ? रसूलन सेोब मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने फख्र के साथ कहा कि उनके पति वीर अब्दुल हमीद ने 1में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान चार टैंकर ध्वस्त किए थे। दुश्मनों को धूल चटाते हुए वह देश के लिए कुर्बान हो गए थे।ड्ढr इसके बाद परिवार को उन्होंने बड़ी मेहनत से पाला है। वह कहती हैं कि रूढ़िवादी लोग महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते। लेकिन आाादी के इतने समय बाद वह दिन आयाोब एक महिला देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हुई। उन्हें अभी यह नहीं मालूम कि उनकी महिला राष्ट्रपति से मिलने की हसरत पूरी हो पाएगी या नहीं, क्योंकि विवि ने पास नहीं दिया है। उनके पौत्र सहाबुद्दीन कहते हैं कि वह किस मुँह से दादी को मना करं। फिलहाल अब वह रााभवन का दरवा खटखटाएँगे। इस बार में लविवि कुलपति प्रो. एएस बरार का कहना है कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ित को कार्यक्रम में आने की क्षाात नहीं दे सकते। राष्ट्रपति किसी से भी नहीं मिलेंगी। उनका मिनट टू मिनट कार्यक्रम सेट हो चुका है। ऐसे में शहीद की पत्नी कार्यक्रम में आकर क्या करंगी? इधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर उन्हें ससम्मान कार्यक्रम में बुलाने की माँग की है।

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