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तूल पकड़ रहा डॉक्टरों की पिटाई का मामला

पन्द्रह दिनों में दर्जन भर सरकारी डाक्टरों की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने इसे डाक्टरों की मान-मर्यादा पर हमला करार देते हुए रविवार को कोर कमेटी की बैठक बुलायी है। भासा का कहना है कि राज्य सरकार जानबूझ कर ‘हेल्थ प्रोटेक्शन एक्ट’ को अमलीजामा पहनाने से भाग रही है ताकि डाक्टरों की जगहंसाई जारी रहे। भासा के अध्यक्ष डा. रामनगीना सिंह, सचिव डा. दिनेश्वर सिंह, संयोजक डा. अजय कुमार,संयुक्त सचिव डा. कुमार अरुण एवं प्रवक्ता डा. रणजीत कुमार ने कहा कि डीजीपी एवं स्वास्थ्य सचिव से फरियाद करने के बावजूद एक भी दोषी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि सभी जगहों एफआईआर दर्ज है। डा. कुमार ने कहा कि सुपौल के भीमनगर शिविर में डा. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता को विधायक के गुर्गो ने पीटा। पूर्णिया के कृत्यानन्द नगर में चलने-फिरने में लाचार डा. संजय कुमार शाह की जिला पार्षद ने बेरहमी से पिटाई की। अररिया सदर अस्पताल में डा. संजय कुमार के साथ र्दुव्‍यवहार किया गया। सीवान सदर अस्पताल में डा. सुधीर कुमार की पिटाई की गई जबकि डिप्टी सुपरिटेंडेंट डा. बी एन दास को आवास से घसीटते हुए अस्पताल लाकर पिटाई की गई। छपरा में डा. आलोक कुमार को पीटा गया और रोहतास में डा. सुरन्द्र कुमार के साथ बदसलूकी की गई। बेतिया में तो डा. यूके चौधरी के साथ स्थानीय थाना के अधिकारी ने बदसलूकी की। डा. कुमार ने कहा कि एक तरफ सरकार के आह्वान पर सूबे के डाक्टर तन-मन-धन से बिना किसी सरकारी सुविधा के बाढ़पीड़ितों की मदद करने में दिन-रात जुटे हुए हैं वहीं जिला प्रशासन की उपेक्षा के कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुविधा नहीं होने का खामियाजा डाक्टर ही भुगत रहे हैं। अमर्ट के संन्यासी कर रहे शवों का अंतिम संस्कारड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम (अमर्ट) के संन्यासी और स्वयंसेवक कोसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इंसानों और जानवरों के शवों को जल में बहाकर उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अमर्ट के अनुसार वसंतपुर, वीरपुर के हेलीपैड और वीरपुर चौरस्ता(सुपौल) में फंसे इंसानी और जानवरों के 50 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। कुसहा बांध से लगे भीमनगर बराज के ईद-गिर्द गांव में झाड़ियों में फंसी लाशों को पानी में बहाकर क्षेत्र के वातावरण को शुद्ध रखने का दायित्व भी अमर्ट ने लिया है। अमर्ट के अनुसार इसके लिए उनके कार्यकर्ताओं को डीएम की अनुमति भी प्राप्त है। इसके अलावा ग्वालपाड़ा और मुरलीगंज क्षेत्र में बांस की झाड़ियों में फंसे शवों के अंतिम संस्कार का बीड़ा भी अमर्ट ने उठाया है। अमर्ट ने ग्वालपाड़ा के भजनपट्टी और प्रतापगंज प्रखण्ड में दो नए राहत शिविर भी खोले हैं। उसका दावा है कि वहां करीब दो हजार बाढ़पीड़ितों को भोजन के अलावा अन्य राहत सामग्री दी जा रही है। इसके अलावा फारबिसगंज के सिमराहा और छातापुर कैनाल पर राहत शिविरों में 3 हजार लोगों के बीच राहत सामग्री बांटी जा रही है। मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, भागलपुर और अररिया में पहले से अमर्ट के 15 राहत शिविर चल रहे हैं।ड्ढr ड्ढr पीड़ितों के लिए संसाधन जुटाएंगे भाजपाईड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितम्बर को पूर दिन भाजपा पटना महानगर जिले के कार्यकर्ता बाढ़पीड़ितों के लिए संसाधन जुटाएंगे। इससे जमा हुई राशि को पीड़ितों के सहायता शिविर में भेजा जाएगा। यह निर्णय शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पटना महानगर के मंडल अध्यक्षों की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राधामोहन सिंह ने की। श्री सिंह ने बताया कि पार्टी पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयंती को सेवा दिवस के रूप में मनाएगी। बैठक में विधायक अरुण कुमार सिन्हा और नितिन नवीन भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाशपति मिश्र का जन्म दिवस है। इसे मनाने पर विचार करने के लिए 23 सितम्बर को जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। उपभोक्ता फोरमों में 30 तक नियुक्ित होड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राज्य सरकार ने 28 जिला उपभोक्ता फोरमों को 30 सितम्बर तक सदस्यों की नियुक्ित कर लेने का अल्टीमेटम दिया है। सदस्यों के पद खाली होने से जिला फोरमों का काम बाधित है। फिलहाल वहां उपभोक्ता अधिनियम से जुड़े 10मामले लंबित हैं। सदस्यों को 2000 रुपये की बजाय अब प्रतिमाह 7500 रुपये मानदेय और 400 रुपये परिवहन भत्ता मिलेगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 1अगस्त को सभी जिलों की स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से सदस्यों का चयन कर नामों की सूची मांगी थी। इसके बावजूद भोजपुर, कैमूर, बक्सर, जहानाबाद, गया, पश्चिम चम्पारण, मधुबनी, बेगूसराय और शेखपुरा में ही कार्रवाई हो सकी। नतीजतन विभाग ने उक्त जिलों को छोड़कर एक बार फिर 2जिला फोरमों के अध्यक्षों को सदस्यों की नियुक्ित की प्रक्रिया 30 सितम्बर तक पूरी करने लेने का निर्देश दिया है। जिला फोरमों को कामकाज में आसानी के लिए फोन, फैक्स और इंटरनेट से लैस कार्यालय उपलब्ध कराया जा रहा है।ं

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