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25 अक्तूबर, 2020|11:19|IST

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ललित की विधवा को नहीं मिला एक पैसा

विकास सहयोग केन्द्र से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता स्व. ललित मेहता के परिजनों के सहायतार्थ 33 लाख रुपये दान में मिले हैं। इसमें से 26.लाख विदेशी धन है। लेकिन इस राशि से मेहता की विधवा को अभी तक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।ड्ढr इंटरनेट पर की गयी थी अपीलड्ढr इस धन की उगाही विकास सहयोग केन्द्र की ओर से इंटरनेट पर अपील के माध्यम से की गयी है। अपील 30 मई व 10 जून 2008 को ‘फंड फॉर ललित मेहता’ ब्लॉग पर की गयी थी। उसमें सहकर्मियों व दोस्तों से छह लाख रुपये चंदा कर उसके ब्याज से प्रतिमाह चार हजार रुपये उसके परिवार को देने तथा उनके दोनों बच्चों के नाम पर एक-एक लाख रुपये एफडी करने का इरादा जाहिर किया गया था। इसके लिए संस्था ने कोई अलग खाता नहीं खोला। इंटरनेट पर जारी बैंक खाता संख्या 10 और 1081106 दिया गया है। दूसरा खाता विदेशी दानदाताओं के लिए है। दोनों खाता संस्था का है। चेक माध्यम से राशि दान देनेवालों के लिए मनीज (मनोज) सिंह अध्यक्ष विकास सहयोग केन्द्र छतरपुर पलामू के नाम से भेजने की अपील में कहा गया है कि स्व. मेहता इंजीनियर थे। वे जमीन से जुड़े थे। उद्योग जगत से नहीं जुड़े थे। उनके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाये। परिणाम स्वरूप विदेशी दाताओं वाले बैंक खाता में 26.लाख रुपये जमा हो गये। दूसरे खाता में भी 6.11 लाख रुपये जमा किये गये है।ड्ढr दान की कुछ राशि निकली किसी को पता नहींड्ढr उसमें से अच्छी-खासी राशि की निकासी भी हुई है, किंतु उसका क्या हुआ यह किसी को पता नहीं है। स्व. मेहता की विधवा आश्रिता तिर्की का कहना है कि उन्हें एक रुपये भी नहीं दिये गये हैं।

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