अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

किसानों की आत्महत्या पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

किसानों की आत्महत्या के मद्देनजर कृषि नीति की समीक्षा करने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीमकोर्ट विचार करगा। याचिका दो वर्ष पूर्व दायर की गई थी। वहीं एक अन्य मामले में सर्वोच्च अदालत ने ने सेज के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण न करने और अधिग्रहण कानून को संशोधित करने संबंधी याचिका खारिा कर दी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केाी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ के याचिकाकर्ता अधिवक्ता संजीव भटनागर से कहा कि वह केंद्र सरकार के दो वर्ष पूर्व दाखिल किए गए शपथपत्र पर अपना मत व्यक्त कर। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो इस मामले में अतिरिक्त दस्तावेज पेश कर सकती है। बेंच के इस निर्देश पर केंद्र सरकार ने तीव्र आपत्ति की और कहा कि सरकारी नीतियों की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती। अतिरिक्त सालिसिटर जनरल अमरंद्र शरण ने कहा कि आत्महत्या वाले राज्यों में राज्य सरकारों ने व्यापक उपाए किए हैं और केंद्र सरकार इसमें राज्यों की मदद कर रही है। इस पर भटनागर ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो पैकेा दिया है वह किसानों तक पहुंचा ही नहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: किसानों की आत्महत्या पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई