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बैंक कर्मचारियों की 24 और 25 सितंबर को हड़ताल

सरकार के बार-बार के आश्वासन के बावजूद मांगे पूरी नहीं किए जाने से नाराज बैंक कर्मचारियों ने बुधवार से दो दिन की हड़ताल पर जाने के अपने फैसले पर मुहर लगा दी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की संयुक्त यूनियन, यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंकों के करीब लाख अधिकारी एवं कर्मचारी बुधवार से दो दिन तक हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि बैंक यूनियंस के इंटक से जुड़े धड़े ‘इंडियन नेशनल बैंक एम्पलाईज फैडरेशन’ ने हड़ताल में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। हड़ताल को टालने के लिए भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और यूएफबीयू के प्रतिनिधियों के बीच यहां मुख्य श्रमायुक्त के समक्ष हुई सुलह सफाई बैठक में अनुकूल परिणाम सामने नहीं आने से बैंक यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। बैंक कर्मचारियों के मुताबिक फरवरी 2008 में सरकार के साथ नए संशोधित वेतनमान लागू करने, बैंकों में क्षतिपूर्ति आधार पर नियुक्ित और पेंशन का एक और विकल्प देने के मामले में सहमति हुई थी लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई शुरुआत नहीं हुई है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय और उनके निजीकरण तथा रघुराम रंजन समिति और हुड्डा समिति की सिफारिशों पर अमल के खिलाफ भी यह कदम उठाया जा रहा है। इंडियन नेशनल बैंक एंम्पलाईज फैडरेशन का कहना है कि बैंक कर्मचारियों की पेंशन विकल्प और क्षतिपूर्ति आधार पर नियुक्ित तथा नए वेतनमान संबंधी मांगों पर प्रगति जारी है। बीमांककों की रिपोर्ट किसी भी समय अक्टूबर 2008 तक आने की उम्मीद है। पेंशन के मुद्दे पर चर्चा दूसरे सप्ताह में शुरु हो जाएगी। इसलिए तुरंत हड़ताल पर जाने का कोई औचित्य नहीं है।

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  • Web Title: बैंक कर्मचारियों की 24 और 25 सितंबर को हड़ताल