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उस समय सोमदेव को वार्म-अप करा रहे थे पेस

पिछले कुछ समय से भारतीय डेविस कप टीम बेशक बिखरी-बिखरी सी नजर आ रही हो लेकिन कप्तान सुमंत मिश्रा का मानना है कि धीर-धीर सबकुछ सामान्य हो जाएगा। खिलाड़ी भविष्य के मुकाबलों में फिर उसे जोश में नजर आएंगे। मिश्रा ने कहा, ‘धीर-धीर सबकुछ सामान्य हो जाएगा। लेकिन आप चाहें कि खिलाड़ी एकदम से पहले की तरह उछलते हुए सीना टकराएं तो यह अभी थोड़ा मुश्किल है। हमें रोमानिया के खिलाफ मुकाबले के दौरान कोई परशानी नहीं हुई। मुझे विश्वास है कि भविष्य में खिलाड़ियों का व्यवहार और बेहतर होगा।’ डेविस कप कप्तान ने रोमानिया के खिलाफ विश्व ग्रुप प्ले-ऑफ मुकाबला 1-4 से हार स्वदेश लौटने के बाद यह बात कही। बेशक रोमानिया में खिलाड़ियों में कोई कहा-सुनी नहीं हुई लेकिन प्रकाश अमृतराज के मैचों के दौरान लिएंडर पेस के अनुपस्थित रहने से कैम्प में टेंशन होना स्वाभाविक थे। उल्लेखनीय है कि प्रकाश अमृतराज ने ही इस साल के शुरू में पेस के खिलाफ बगावत की थी। मिश्रा ने प्रकाश के मैचों के दौरान पेस की अनुपस्थिति को ज्यादा तराीह न देते हुए कहा कि उस दौरान पेस सोमदेव के वार्म-अप करा रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे टीम के सदस्यों से कोई शिकायत नहीं है। वे न केवल मेरा सम्मान करते हैं बल्कि मुझे सपोर्ट भी करते हैं। कुछ लोग कह रहे थे कि कुछ खिलाड़ी (पेस) प्रकाश के मैचों के दौरान वहां नहीं थे। असल में पेस सोमदेव को अगले मैच के लिए वार्म-अप करा रहे थे।’ प्रकाश और महेश भूपति के लिएंडर से संबंध इस साल उस समय काफी खटास आ गई थी जब इन दोनों उनकी कप्तान में खेले से इनकार कर दिया था। इन दोनों ने पेस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे खुलेआम उनकी आलोचना कर रहे हैं। इस मामला इतना तूल पकड़ गया कि एक समय प्रकाश, भूपति और रोहन बोपन्ना ने अखिल भारतीय टेनिस संघ से पेस को हटाने की मांग तक कर डाली। बोपन्ना को रोमानिया के खिलाफ हुए डेविस कप मुकाबले में भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। यही कारण था कि पेस ने कप्तानी छोड़ दी और आइटा को मिश्रा को नॉन-प्लेयिंग कप्तान नियुक्त करना पड़ा। इस डेविस कप मुकाबले के बार में जब पूछा गया तो मिश्रा ने कहा कि रोमानियाई खिलाड़ी हमसे कहीं बेहतर थे। उन्होंने कहा, ‘उनका नम्बर-वन खिलाड़ी (विक्टर हैनेस्कू) आउटस्टेंडिंग थे। उन्होंने हमार खिलाड़ियों को कोई मौका नहीं दिया। वैसे भी क्ले उनकी स्ट्रेंग्थ है। मैं यह नहीं कह रहा कि हम क्ले पर कमजोर हैं लेकिन यह हमारी स्ट्रेंग्थ नहीं है।’ इस मुकाबले में भारत सिर्फ युगल मुकाबला ही जीत सका था जिसमें लिएंडर और भूपति की जोड़ी खेलने उतरी थी। मिश्रा ने रोमानिया की तरह की ही क्ले भारत में भी लगाने की वकालत की। इससे खिलाड़ियों को इस तरह की क्ले के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। मिश्रा ने युवा खिलाड़ी सोमदेव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘वह अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्होंने भविष्य अच्छा है। उन्होंने मैच में सिर्फ एक डबल फॉल्ट किया। यह उसके लिए भावनात्मक क्षण थे। अनुभव के साथ उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा। कुल मिलाकर यह मुकाबला हमार युवा खिलाड़ियों के लिए अच्छा लर्निग एक्सपीरिएंस था।’ं

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