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आश्वासनों के हवा होने पर सरकार की किरकिरी

विधानसभा में दिये गये आश्वासनों के हवा होने पर विपक्ष ने सरकार की किरकिरी की। भाजपा विधायक डॉ दिनेश षाड़ंगी विधानसभा परिसर में फिर धरना पर बैठे। पिछले सत्र में भी 13 फरवरी को षाड़ंगी अपने क्षेत्र तथा राज्य की ज्वलंत समस्याओं को लेकर धरना पर बैठे थे। भाजपा विधायक सरयू राय ने यह मामला उठाते हुए कहा: विस में सरकार जो कहती है उस पर टिकती नहीं। जब टिकती नहीं, तो कहती क्यों है? प्रदीप यादव बोले कि हम भी धरना पर बैठे थे।ड्ढr सीपी सिंह ने कहा आश्वासन का सरकार वेल्यू नहीं समझती। इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि आश्वासन को बच्चों का खेल समझ जाता है। कभी रिव्यू नहीं होता। किशोर ने भी सरकार को घेरा: आसन के माध्यम से कहा कि जिम्मेदारी तय हो। स्टीफन मरांडी ने कहा कि सरकार आश्वासनों के प्रति गंभीर है। मामलों को टेकअप तो करते ही हैं। सीपी सिंह ने कहा कि अध्यक्ष ने हरमू में बिल्डर को जमीन देने के मामले में सरकार से पूछताछ की थी। जोबा मांझी यहीं बैठी हैं। सदन में निगरानी जांच की घोषणा की थी। उस पर क्या हुआ? सीपी सिंह ने टोका: 45 दिन में बांग्ला को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की बात थी, कुछ नहीं हुआ। रघुवर दास बोले: आज तक कुछ नहीं हुआ। विपक्ष ने मधु कोड़ा- संजय चौधरी के रिश्ते के बार में भी पूछा। कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि सदन में अब तक दिये गये 2600 आश्वासन पूर नहीं हुए हैं। मंत्री स्टीफन मरांडी ने कहा कि जबरदस्ती कहने से कुछ नहीं होगा। भानू बोले: प्रश्न काल का समय है। बेवजह हल्ला करते हैं। यह सुनते ही विपक्ष हत्थे से उखड़ गया। सीपी सिंह ने हिन्दुस्तान अखबार की प्रति दिखाते हुए कहा: डीटीओ ऑफिस में जेब से पैसे निकाल लेते हैं दलाल। इस बीच सुधीर महतो ने विपक्ष पर निशाना साधा: एक ही मामला को लेकर कल से हल्ला कर रहे हैं। वह मुंबई एयरपोर्ट और कस्टम का मामला है। सीपी सिंह ने महतो को कुछ कागज दिखाते हुए कहा: देख लीजिये आपका ही मामला है। सब गड़बड़ उाागर कर देंगे।

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